मिडिल ईस्ट में हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। CENTCOM और सऊदी अरब की सेना ने मिलकर इराक में ईरान समर्थित समूहों के ठिकानों पर 28-29 जुलाई 2026 को सटीक हमले किए। यह कार्रवाई पिछले 72 घंटों में ईरान के IRGC द्वारा अमेरिकी बलों और सऊदी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किए गए 30 से अधिक ड्रोन हमलों के जवाब में की गई है।
हमलों और जवाबी कार्रवाई का ब्यौरा
ईरान के IRGC ने 28 जुलाई को जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिन्हें अमेरिकी सेना ने हवा में ही नष्ट कर दिया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह ईरान का पहला ऐसा हमला था। इस जवाबी कार्रवाई में इराक के 20 से अधिक मिलिशिया लड़ाके मारे गए और 30 से ज्यादा घायल हुए हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि अमेरिका इसका कड़ा जवाब देगा।
क्षेत्रीय स्थिति और सुरक्षा
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों की निंदा करते हुए इसे युद्ध को बढ़ाने वाला कदम बताया है। इराक के प्रधानमंत्री ने इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन माना है। वर्तमान में Strait of Hormuz के पास तनाव बना हुआ है और अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाते हुए वहां के बंदरगाहों पर नाकाबंदी की है। CENTCOM ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में उनके बल पूरी तरह सतर्क हैं और सुरक्षा पर पैनी नजर रखे हुए हैं।
