अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने ईरान पर लगातार तीसरी रात हमले किए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस अंडरग्राउंड ठिकाने, जिसे पिकएक्स माउंटेन कहा जा रहा है, उसे तबाह करने की सीधी चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के परमाणु केंद्रों के पास स्थित इस जगह को सुरक्षित नहीं छोड़ा जाएगा और अमेरिका इसके लिए पूरी तरह तैयार है।

समुद्री रास्तों पर कड़ा पहरा और ईरान की जवाबी कार्रवाई

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 14 जुलाई से फारस की खाड़ी में फिर से नाकाबंदी शुरू कर दी है। ट्रंप प्रशासन ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर 20 फीसदी फीस लगाने का ऐलान किया है, जिसे उन्होंने सुरक्षा की ‘गार्जियन एंजेल’ कीमत बताया है। इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और यूएई से जुड़े दो टैंकरों पर हमला किया, जिसमें एक क्रू मेंबर की मौत हुई और आठ लोग घायल हुए। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा की है और कहा है कि जब तक अमेरिका का सैन्य दखल खत्म नहीं होगा, यह रास्ता खुला नहीं रहेगा।

बातचीत की गुंजाइश और जमीनी हकीकत

सैन्य तनाव के बीच राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ एक डील अभी भी संभव है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले ही एक समझौता लगभग तय हो गया था, लेकिन ईरान की नई मांगों के कारण मामला अटक गया। वहीं, रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 600 मीटर की गहराई में स्थित ‘पिकएक्स माउंटेन’ यानी कुह-ए-कोलांग को पूरी तरह नष्ट करना अमेरिका के लिए भी बड़ी चुनौती है, क्योंकि यह मौजूदा ‘बंकर-बस्टर’ बमों की पहुंच से बाहर हो सकता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.