अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल 2026 से लागू युद्धविराम बेहद नाजुक दौर में पहुंच गया है। 28 मई 2026 को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दोनों देशों के बीच भारी सैन्य तनाव देखा गया। ईरान की ओर से जहाजों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाई गईं और कुवैत पर मिसाइल हमला किया गया, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की है। इस घटनाक्रम से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए चिंता बढ़ गई है।

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में ईरान और अमेरिकी सेना के बीच क्या हुआ?

28 मई 2026 को तड़के करीब 12:35 बजे ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे चार व्यावसायिक जहाजों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाईं। इसके साथ ही एक अमेरिकी टैंकर पर भी हमला किया गया जो बिना रडार के वहां से गुजर रहा था। जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के बंदर अब्बास सैन्य ठिकाने पर हवाई हमले किए और ईरान के पांच में से चार ड्रोन मार गिराए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इसे युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन बताया है। ईरान ने कुवैत की तरफ भी एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी जिसे कुवैत की सेना ने हवा में ही नष्ट कर दिया।

डोनाल्ड ट्रंप की ओमान को चेतावनी और ईरान का टैक्स वसूलने का दावा

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा है कि ईरान हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से नेविगेशन और पर्यावरण सेवाओं के लिए शुल्क वसूलना जारी रखेगा। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन खबरों को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि ओमान और ईरान मिलकर इस मार्ग का प्रबंधन करेंगे। ट्रंप ने ओमान को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र है और यह सबके लिए खुला रहेगा। अमेरिका के वित्त विभाग ने ईरान की ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ (PGSA) पर प्रतिबंध भी लगा दिया है और चेतावनी दी है कि इसके साथ सहयोग करने वालों पर कार्रवाई होगी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों के लिए आवाजाही सुरक्षित है?

वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण स्थिति काफी संवेदनशील है। ईरान द्वारा जहाजों पर चेतावनी के तौर पर गोलियां चलाने और अमेरिका की जवाबी हवाई कार्रवाई के कारण इस समुद्री मार्ग पर सुरक्षा जोखिम बढ़ गया है।

कुवैत पर हुए मिसाइल हमले का क्या परिणाम रहा?

ईरान की ओर से कुवैत की तरफ एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई थी, जिसे कुवैत के सुरक्षा बलों ने हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया। इस हमले से कुवैत में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.