Strait of Hormuz में फिर बढ़ा तनाव, अमेरिका ने ईरान को दी चेतावनी, कहा- परमाणु कार्यक्रम बंद करो

खाड़ी देशों में तनाव का माहौल एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया है कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने के लिए एक 'अल्टीमेट डील' चाहता है। इस बीच, Oman की मध्यस्थता में चल रही बातचीत का मुख्य केंद्र फिलहाल Strait of Hormuz से सुरक्षित आवाजाही बनी हुई है।
क्या है अमेरिका का स्टैंड?
अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे इस बातचीत में पूरी मजबूती के साथ खड़े हैं। राष्ट्रपति Donald Trump ने सोमवार, 3 अगस्त को कहा था कि ईरान के साथ बातचीत फिर से शुरू हो चुकी है। उन्होंने इसे ईरान के लिए 'बर्बादी से पहले आखिरी मौका' बताया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया कि ईरान के नेता बातचीत के मामले में काफी दोमुंही नीति अपना रहे हैं। अमेरिकी खजाना विभाग के सचिव Scott Bessent ने भी उम्मीद जताई कि Strait of Hormuz को लेकर समझौता इसी मंगलवार या बुधवार तक पूरा हो सकता है।
ईरान और अन्य देशों का पक्ष
इसके उलट, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने इन बातों को खारिज कर दिया है। ईरान का आधिकारिक कहना है कि उनकी अमेरिका के साथ कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है। ईरान की वर्तमान बातचीत सिर्फ ओमान के माध्यम से चल रही है, जिसका एकमात्र मकसद Strait of Hormuz के रास्ते को सुरक्षित रखना है। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी दोहराया है कि उनका देश किसी बड़े संघर्ष की शुरुआत नहीं करना चाहता।
बढ़ता तनाव और समुद्री सुरक्षा
तनाव के बीच, मंगलवार को Strait of Hormuz में ओमान के तट के पास एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल के जरिए एक कार्गो जहाज को निशाना बनाए जाने की खबर सामने आई है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। भारत से बड़ी संख्या में लोग इन समुद्री रास्तों और खाड़ी देशों में काम करने जाते हैं, ऐसे में वहां की अस्थिरता का सीधा असर वहां रहने वाले प्रवासियों की सुरक्षा और व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ता है। Saudi Arabia और UAE भी इस पूरे मामले में राजनयिक प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे। फिलहाल, सभी की नजरें ओमान की ओर से चल रही मध्यस्थता और आने वाले दिनों में होने वाले फैसलों पर टिकी हैं।