अमेरिकी सेना ने 14 जुलाई 2026 को लगातार तीसरी रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। पेंटागन के अनुसार, इन हमलों का मकसद ईरान को कमर्शियल जहाजों पर हमला करने से रोकना और परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कांग्रेस को सूचित किया है कि 7 जुलाई 2026 से ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू हो चुकी है। इसके साथ ही, अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी है।
📰: Bahrain पर ईरान का हमला, हवा में नष्ट हुए मिसाइल और ड्रोन, सेना ने दी जानकारी.।
हमलों का असर और क्षेत्रीय स्थिति
अमेरिकी सेना ने बुशेर, चाबहार और बंदर अब्बास जैसे इलाकों में ईरान के मिसाइल, ड्रोन और तटीय सुरक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया है। इस दौरान अमेरिका ने पहली बार युद्ध में समुद्री ड्रोन्स का इस्तेमाल किया है। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने बहरीन, जॉर्डन, कुवैत और यूएई पर हमले किए हैं। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा किए गए मिसाइल हमले में यूएई के दो तेल टैंकर क्षतिग्रस्त हो गए, जिसमें एक भारतीय चालक दल के सदस्य की मौत हो गई और आठ लोग घायल हुए हैं।
विमानन और सुरक्षा अलर्ट
इस सैन्य तनाव के कारण बहरीन, कुवैत, कतर, यूएई और ओमान के ऊपर के हवाई क्षेत्र में विमानों के लिए चेतावनी जारी की गई है। सऊदी अरब ने कुवैत और यूएई पर हुए ईरानी हमलों की निंदा की है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षा की स्थिति खराब होने के कारण वहां से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर खतरा बढ़ गया है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल है।
