होरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच हालात बिगड़ गए हैं। 17 जुलाई 2026 को लगातार छठी रात अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। तनाव तब और बढ़ गया जब 14 जुलाई को अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर फिर से नौसैनिक नाकेबंदी लगा दी, जिसके जवाब में ईरान ने जलमार्ग बंद करने की धमकी दी है।

तनाव का असर और मौजूदा स्थिति

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुलों, ऊर्जा केंद्रों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया है, जिसमें नुकसान की खबरें हैं। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने कहा कि अमेरिका ईरान की आक्रामकता बर्दाश्त नहीं करेगा। उधर, ईरान ने बहरीन, कुवैत, कतर और जॉर्डन में अमेरिका के सहयोगी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।

प्रवासियों और शिपिंग पर प्रभाव

ईरानी सेना के प्रवक्ता Ebrahim Zolfaghari ने साफ कहा है कि अब स्थिति पहले जैसी नहीं रहेगी। इस संघर्ष की वजह से शिपिंग ट्रैफिक में भारी कमी आई है और युद्ध जोखिम बीमा (war risk insurance) की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और व्यापारिक गतिविधियों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है, क्योंकि दोनों देशों के बीच शांति वार्ता का समझौता (MOU) जून में ही टूट चुका है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.