अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। 10 जून 2026 को अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर बड़े हवाई हमले किए हैं। इस बीच, अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान की नौसेना के साथ किसी भी सीधे टकराव से इनकार किया है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि ईरान पर हमले जारी रहेंगे। दूसरी ओर, ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है, जिससे खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
अमेरिका ने ईरान पर क्यों किए हमले और क्या है नया अपडेट?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई है। दरअसल, 9 जून को ईरान ने अमेरिका के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। इसके जवाब में अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के हवाई रक्षा तंत्र, रडार साइट्स और हथियार डिपो को निशाना बनाया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने बताया कि अमेरिकी सेना ईरान के महत्वपूर्ण ठिकानों को लगातार निशाना बना रही है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा जा रहा था कि समुद्र में अमेरिकी नौसेना और ईरान के आईआरजीसी (IRGC) के बीच सीधी जंग शुरू हो गई है।
ईरान का पलटवार और खाड़ी देशों पर इसका क्या असर हुआ?
ईरान की सेना ने भी इस हमले का कड़ा जवाब देने का दावा किया है। इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों पर देखने को मिल रहा है:
- सैन्य ठिकानों पर हमले: ईरान के आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने बहरीन में अमेरिकी पांचवें बेड़े के मुख्यालय, कुवैत और जॉर्डन में कुल 21 अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है।
- मिसाइलें रोकी गईं: जॉर्डन ने अपने हवाई क्षेत्र में आने वाली 5 ईरानी मिसाइलों को मार गिराया। बहरीन और कुवैत ने भी अपने यहां हवाई हमलों को रोकने की पुष्टि की है।
- समुद्री रास्ता बंद: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सभी जहाजों और तेल टैंकरों के लिए पूरी तरह बंद करने की घोषणा की है। ईरान का दावा है कि उसने दो उल्लंघन करने वाले जहाजों पर हमला भी किया है।
- भारतीयों पर असर: इस समुद्री संघर्ष के दौरान एक जहाज पर हुए हमले के बाद भारत के तीन नाविक लापता बताए जा रहे हैं।
शांति वार्ता और आम लोगों पर हमले का क्या प्रभाव पड़ा है?
इस सैन्य टकराव के बीच मानवीय संकट भी गहरा गया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, अमेरिकी हमलों में सिरीक शहर के दो पानी के जलाशयों को नुकसान पहुंचा है, जिससे हजारों लोगों के सामने पानी का संकट पैदा हो गया है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने को कमजोरी की निशानी बताया है। हालांकि, व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि तनाव के बावजूद दोनों देशों के बीच शांति वार्ता के प्रयास पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं और बातचीत अभी भी जारी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री युद्ध शुरू हो गया है?
अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के आईआरजीसी (IRGC) के साथ किसी भी तरह के नौसैनिक टकराव से इनकार किया है। हालांकि, ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने से क्या असर होगा?
ईरान ने इस रास्ते को सभी तरह के व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों के लिए बंद कर दिया है। चूंकि यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है, इसलिए खाड़ी देशों से तेल की आपूर्ति और वैश्विक व्यापार पर इसका भारी असर पड़ सकता है।
