अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर तनाव काफी बढ़ गया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक कड़ा संदेश भेजकर ईरान को चेतावनी दी है। ट्रंप ने साफ कहा है कि अब वह नरमी नहीं बरतेंगे और ईरान को जल्द ही समझदारी दिखानी होगी। इस खींचतान के बीच दुनिया भर के देशों की नजरें अब इस बात पर हैं कि आगे क्या होगा।
ट्रंप की चेतावनी और नए प्रतिबंधों का मामला
29 अप्रैल 2026 को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने Truth Social प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अब मिस्टर नाइस गाय का समय खत्म हो गया है। उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि वह परमाणु समझौते की दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है। इसी के साथ अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 28 अप्रैल को ईरान के 35 लोगों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने बताया कि ये लोग ईरान की सेना के लिए चोरी-छिपे पैसा जुटाने का काम कर रहे थे जिससे वैश्विक व्यापार को नुकसान पहुँच रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान का कड़ा जवाब
ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में यह साफ कर दिया है कि वह 1982 के समुद्र के कानून को नहीं मानता है। ईरान का कहना है कि Strait of Hormuz में वह अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी और सही कदम उठा सकता है। दूसरी तरफ, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि अमेरिका किसी भी हाल में अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर ईरान का नियंत्रण बर्दाश्त नहीं करेगा। व्हाइट हाउस फिलहाल ईरान के एक प्रस्ताव की जांच कर रहा है जिसमें ब्लॉकडरा हटाने के बदले परमाणु चर्चाओं को टालने की बात कही गई है।
विवाद की मुख्य वजहें और आने वाला असर
- विवाद की शुरुआत: यह पूरा मामला 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों से शुरू हुआ था।
- पाकिस्तान की भूमिका: पाकिस्तान लगातार दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश कर रहा है ताकि युद्ध को रोका जा सके।
- तेल बाजार पर असर: UAE ने 1 मई 2026 से OPEC छोड़ने का ऐलान किया है, जिससे दुनिया भर में तेल की कीमतों पर बड़ा असर पड़ सकता है।
- परमाणु मुद्दा: अमेरिका की मांग है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करे, जबकि ईरान ने इसे मानने से इनकार कर दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच मुख्य विवाद क्या है?
मुख्य विवाद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और बैलिस्टिक मिसाइलों को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करे जबकि ईरान इसे अपनी जरूरत बताता है।
Strait of Hormuz को लेकर क्या विवाद चल रहा है?
ईरान इस समुद्री रास्ते पर अपना नियंत्रण चाहता है और इसे अपने अधिकार में मानता है, जबकि अमेरिका और अन्य देश इसे अंतरराष्ट्रीय रास्ता मानते हैं जहाँ जहाजों की आवाजाही मुफ्त होनी चाहिए।