अमेरिका और ईरान के बीच हालात लगातार बिगड़ रहे हैं, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। व्हाइट हाउस के सलाहकार Stephen Miller ने 15 जुलाई 2026 को एक इंटरव्यू में ईरान को अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को पूरी तरह से बंद करने के लिए कहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि दुनिया के सबसे खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल करने वाले देशों की सूची में ईरान का स्थान नहीं होना चाहिए।
अमेरिका की धमकी और ईरान का जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान बातचीत की मेज पर वापस नहीं आता है, तो अगले सप्ताह से ईरान के बिजली संयंत्रों और पुलों को निशाना बनाया जा सकता है। इसके जवाब में ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने कड़ा रुख अपनाया है। IRGC ने धमकी दी है कि अगर उनके तेल और गैस निर्यात को बाधित किया गया, तो वे अमेरिकी सहयोगियों के तेल मार्गों को निशाना बनाएंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने Bahrain में स्थित US Navy के पांचवें बेड़े के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया है।
लंबे समय से जारी है दबाव की राजनीति
ईरान पर अमेरिकी दबाव पिछले कई महीनों से बना हुआ है। इससे पहले मई 2026 में भी अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान को चेतावनी दी थी कि उसे या तो अमेरिका की शर्तों पर समझौता करना होगा या फिर ऐसी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा जैसी आधुनिक इतिहास में पहले कभी नहीं देखी गई। इस पूरे विवाद के बीच खाड़ी देशों में तेल और गैस की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जो वहां रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है।
