सोशल मीडिया और इंटरनेट पर अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम की खबरें तेजी से वायरल हो रही हैं. इन खबरों में दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम हुआ है और राष्ट्रपति Trump ने हमले रोकने का फैसला किया है. हालांकि, आधिकारिक जांच और रिसर्च में यह खबर पूरी तरह से काल्पनिक और गलत पाई गई है.

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क्या है इस वायरल खबर की असली हकीकत?

वायरल हो रही इस खबर में कहा गया है कि ईरान ने एक 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव दिया है जिसे अमेरिका ने स्वीकार कर लिया है. दावे के मुताबिक, आने वाले शुक्रवार को Islamabad में दोनों देशों के बीच औपचारिक बातचीत शुरू होने वाली है. इस खबर को विश्वसनीय बनाने के लिए इसमें Pope Leo XIV के एक कथित बयान का भी सहारा लिया गया है. लेकिन हकीकत यह है कि वर्तमान समय में Pope Leo XIV नाम का कोई व्यक्ति इस पद पर मौजूद ही नहीं है. इतिहास के अनुसार आखिरी बार इस नाम का उपयोग Pope Leo XIII ने किया था जिनकी मृत्यु 1903 में हुई थी.

इन कारणों से गलत साबित हुए सोशल मीडिया के दावे

बिंदु तथ्य और जांच
Pope Leo XIV का बयान इस नाम के कोई भी पोप वर्तमान में नहीं हैं, यह नाम पूरी तरह काल्पनिक है.
ANI न्यूज की रिपोर्ट न्यूज एजेंसी ANI ने ऐसी कोई भी खबर प्रकाशित नहीं की है और यह दावा झूठा है.
पाकिस्तान की भूमिका Pakistan या US सरकार की तरफ से Islamabad में किसी भी शांति वार्ता की पुष्टि नहीं हुई है.
10 सूत्रीय प्रस्ताव Iran की ओर से किसी भी तरह के 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है.

रिसर्च के दौरान यह स्पष्ट हुआ है कि अमेरिका और ईरान के बीच किसी भी प्रकार के युद्धविराम या समझौते की खबरें बेबुनियाद हैं. ऐसी किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले उसके आधिकारिक स्रोतों की जांच करना जरूरी है क्योंकि संबंधित देशों के विदेश मंत्रालयों ने इस पर कोई बयान जारी नहीं किया है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com