US-Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा, पाकिस्तान ने मांगी मोहलत, ट्रंप बोले truce बढ़ाना मुश्किल

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान ने एक बड़ी कोशिश की है। पाकिस्तान ने दोनों देशों से युद्धविराम (truce) की समय सीमा को दो हफ्ते और बढ़ाने का अनुरोध किया है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि ईरान ने बातचीत में शामिल होने से इनकार कर दिया है, जबकि अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है।

पाकिस्तान की कोशिश और मौजूदा स्थिति क्या है?

अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल 2026 को पाकिस्तान की मध्यस्थता में दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ था। यह समय सीमा 22 अप्रैल 2026 की सुबह खत्म हो रही है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और आर्मी चीफ Field Marshal Asim Munir ने इस समय को बढ़ाने की कोशिश की ताकि बातचीत के जरिए मामला सुलझ सके। पाकिस्तान चाहता था कि ईरान Strait of Hormuz को खोले और दोनों देश शांति की राह चुनें।

ईरान ने बातचीत से क्यों किया मना?

ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत के लिए अपने प्रतिनिधि नहीं भेजेगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने कहा कि अमेरिका ने युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन किया है। ईरान का आरोप है कि अमेरिका ने 13 अप्रैल से समुद्र में नाकाबंदी कर रखी है और उनका एक कंटेनर जहाज भी पकड़ लिया है। ईरान ने यह भी कहा कि वह अमेरिका की किसी भी समय सीमा या अल्टीमेटम को स्वीकार नहीं करेगा।

अमेरिका का रुख और आगे की चेतावनी

राष्ट्रपति Donald Trump ने ऐलान किया है कि उनके प्रतिनिधि बातचीत के लिए पाकिस्तान जाएंगे, जिनमें उपराष्ट्रपति J.D. Vance और Jared Kushner शामिल हैं। हालांकि, ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि युद्धविराम को आगे बढ़ाना बहुत मुश्किल है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो वह ईरान के बुनियादी ढांचे पर फिर से हमले शुरू कर सकते हैं।

संबंधित पक्ष भूमिका मुख्य व्यक्ति
पाकिस्तान मध्यस्थ (Mediator) Shehbaz Sharif, Asim Munir
अमेरिका विवादित पक्ष Donald Trump, J.D. Vance
ईरान विवादित पक्ष Masoud Pezeshkian, Esmaeil Baghaei
युद्धविराम की शुरुआत तारीख 8 अप्रैल 2026
युद्धविराम की समाप्ति तारीख 22 अप्रैल 2026
मुख्य विवाद कारण Strait of Hormuz की नाकाबंदी