अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि ईरान अपना समृद्ध यूरेनियम (enriched uranium) सौंपने के लिए तैयार हो गया है। उन्होंने कहा कि छह हफ्ते से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए शांति समझौता अब काफी करीब है। हालांकि, ईरान की तरफ से अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और दोनों देशों के बीच बातचीत अब भी जारी है।
क्या है पूरा मामला और मौजूदा स्थिति?
अमेरिका और ईरान के बीच यूरेनियम को लेकर काफी समय से खींचतान चल रही है। 12 से 14 अप्रैल तक पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत हुई, लेकिन वहां कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अब दोनों पक्ष एक अस्थायी समझौते की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल 22 अप्रैल तक के लिए ceasefire (युद्धविराम) लागू है, लेकिन राष्ट्रपति Trump ने इसे आगे बढ़ाने से मना कर दिया है।
अमेरिका और ईरान की अलग-अलग मांगें
अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने सभी परमाणु केंद्रों को बंद करे और अपना सारा समृद्ध यूरेनियम सौंप दे। Trump प्रशासन ने 20 साल तक यूरेनियम बनाने पर पूरी तरह रोक लगाने की शर्त रखी है। दूसरी तरफ, ईरान ने इस मांग को खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि वह शांतिपूर्ण काम के लिए यूरेनियम बना सकता है और वह इस रोक की अवधि केवल 3 से 5 साल रखने के पक्ष में है।
IAEA और अन्य देशों का क्या कहना है?
IAEA के प्रमुख Rafael Grossi ने बताया कि ईरान के पास करीब 440 किलो समृद्ध यूरेनियम है, जिससे लगभग 10 परमाणु बम बनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी समझौते में बहुत सख्त जांच होनी चाहिए। वहीं, इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान यूरेनियम नहीं हटाता, तब तक सैन्य अभियान खत्म नहीं होगा।
इस पूरे विवाद से जुड़ी मुख्य जानकारियां नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती हैं:
| मुख्य बिंदु | विवरण |
|---|---|
| अमेरिकी मांग | 20 साल तक यूरेनियम उत्पादन पर रोक |
| ईरानी प्रस्ताव | 3 से 5 साल की समय सीमा |
| IAEA का डेटा | 440 किलो समृद्ध यूरेनियम मौजूद |
| युद्धविराम की तारीख | 22 अप्रैल 2026 को खत्म होगा |
| अमेरिकी कार्रवाई | तेल तस्करी से जुड़े 29 ठिकानों पर प्रतिबंध |
| इसराइल की शर्त | यूरेनियम हटाना अनिवार्य शर्त |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की |
