अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग अब 60 दिन पूरी कर चुकी है। इस बीच एक अमेरिकी डिप्टी के बयान ने काफी हलचल मचा दी है, जिसमें उन्होंने माना कि अमेरिका इस युद्ध में शुरू से ही लड़खड़ा गया था। व्हाइट हाउस और पेंटागन के बीच अब युद्ध की रणनीति और बजट को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

अमेरिकी डिप्टी का बयान और राजनीति में हंगामा

29 अप्रैल 2026 को @SaudiNews50 के एक ट्वीट के मुताबिक, एक अमेरिकी डिप्टी ने स्वीकार किया कि ईरान के साथ युद्ध की शुरुआत से ही अमेरिका की योजनाएं सही नहीं रहीं। इस बयान के बाद अमेरिका के भीतर राजनीतिक टकराव बढ़ गया है। Democrats ने व्हाइट हाउस की इस बात के लिए आलोचना की है कि यह युद्ध बिना किसी ठोस जरूरत और कांग्रेस की मंजूरी के शुरू किया गया। सांसदों ने युद्ध की लागत और सेना की तैयारी पर भी सवाल खड़े किए हैं।

ट्रम्प की चेतावनी और ईरान की नाकेबंदी

राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि वह जल्द ही समझदारी दिखाए और एक गैर-परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करे। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा करते हुए साफ कर दिया कि अब वह नरमी नहीं बरतेंगे। अमेरिकी अधिकारी अब राष्ट्रपति के निर्देश पर ईरान के बंदरगाहों की लंबी नाकेबंदी की तैयारी कर रहे हैं, ताकि ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम बंद करने के लिए मजबूर किया जा सके।

पेंटागन का बजट और सैन्य तैयारी पर सवाल

युद्ध की स्थिति को देखते हुए Secretary of War Pete Hegseth और Chairman of the Joint Chiefs of Staff Gen. Dan Caine को हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सामने पेश होना पड़ा। इस बैठक में साल 2027 के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर के रक्षा बजट पर चर्चा हुई। चर्चा के दौरान अमेरिकी सांसदों ने ईरान के ड्रोन हमलों से निपटने की क्षमता और गोला-बारूद की कमी जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब मांगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को कितने दिन हुए हैं

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा यह युद्ध 29 अप्रैल 2026 तक 60 दिन पूरा कर चुका है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के लिए क्या शर्त रखी है

राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी दी है कि वह जल्द ही समझदारी दिखाए और एक गैर-परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करे।