अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपनी ही रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। ईरान के साथ युद्ध को बातचीत के ज़रिए खत्म करने की कोशिशों पर पार्टी के कई बड़े नेता भड़क गए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया है कि बातचीत की मेज पर एक मजबूत प्रस्ताव जरूर है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप कोई खराब समझौता नहीं करने वाले हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि जब तक समझौते पर पूरी तरह हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक ईरान पर नाकेबंदी पूरी तरह से जारी रहेगी।

आखिर रिपब्लिकन पार्टी के नेता इस समझौते का विरोध क्यों कर रहे हैं?

पार्टी के कई बड़े अमेरिकी नेताओं का मानना है कि ईरान के साथ किसी भी तरह का समझौता अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। इसके विरोध में कई बयान सामने आए हैं।

  • सीनेटर टेड क्रूज़: उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इस समझौते से ईरान को अरबों डॉलर मिलेंगे और वह यूरेनियम संवर्धन के साथ हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण हासिल कर लेगा, जो एक बड़ी भूल साबित होगी।
  • सीनेटर रोजर विकर: उन्होंने चेतावनी दी कि एक अस्थायी शांति समझौते से सेना की पिछली सैन्य सफलताएं पूरी तरह बेकार हो जाएंगी।
  • सीनेटर लिंडसे ग्राहम: उनके अनुसार यह समझौता इसराइल के लिए एक बुरा सपना साबित होगा और इससे ईरान इस क्षेत्र में और अधिक मजबूत बनकर उभरेगा।
  • पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ: उन्होंने कहा कि यह समझौता किसी भी तरह से अमेरिका फर्स्ट की नीति के अनुकूल नहीं है।

ईरान और अमेरिका के बीच समझौते की मौजूदा स्थिति क्या है?

इस बातचीत को लेकर दोनों देशों की तरफ से अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं जिससे स्थिति अभी पूरी तरह से साफ नहीं हो पाई है।

  • डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि समझौता अभी पूरी तरह से तय नहीं हुआ है और उन्होंने अपनी टीम को जल्दबाजी न करने की हिदायत दी है क्योंकि समय उनके पक्ष में है।
  • ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि तेहरान 30 से 60 दिनों के शुरुआती फ्रेमवर्क समझौते को अंतिम रूप दे रहा है, जिसमें परमाणु मुद्दे शामिल नहीं हैं।
  • पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संकेत दिए हैं कि दोनों देशों के बीच अगले दौर की बातचीत बहुत जल्द शुरू होने वाली है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में सबसे बड़ा विवाद क्या है?

मुख्य विवाद ईरान की जमी हुई संपत्तियों को बहाल करने के तरीके, लेबनान में युद्धविराम के दायरे, हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर है।

क्या बातचीत के दौरान ईरान पर लगी अमेरिकी नाकेबंदी हटा दी गई है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक समझौते पर पूरी तरह हस्ताक्षर और इसकी पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी पूरी तरह से लागू रहेगी।