ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने की दिशा में एक बड़ी राहत वाली खबर आई है। ईरान के सरकारी टेलीविजन ने जानकारी दी है कि तेहरान को अमेरिका के साथ संघर्ष समाप्त करने के लिए एक शुरुआती अनौपचारिक समझौता ज्ञापन (MOU) का ड्राफ्ट मिल गया है। इस समझौते की उम्मीद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में कमी देखी गई है, जिससे वैश्विक बाजार को बड़ी राहत मिली है। हालांकि दोनों देशों के बीच अभी भी कुछ मुद्दों पर बातचीत जारी है।

क्या है इस शुरुआती समझौते के ड्राफ्ट में?

इस अनौपचारिक समझौते के मसौदे में दोनों देशों के लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं, जिससे इस क्षेत्र में शांति बहाल की जा सके:

  • जहाजों की आवाजाही: ईरान एक महीने के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को युद्ध से पहले की तरह सामान्य कर देगा।
  • प्रतिबंध हटाना: इसके बदले में अमेरिका ईरान की सीमा के पास से अपनी सेना पीछे हटाएगा और 13 अप्रैल से लगाए गए समुद्री प्रतिबंधों को खत्म करेगा।
  • सैन्य जहाजों पर रोक: इस ड्राफ्ट समझौते में केवल व्यापारिक जहाजों को छूट दी गई है और सैन्य जहाजों को इससे बाहर रखा गया है।
  • आर्थिक मांग: ईरान ने अपने फ्रीज किए गए करीब 12 अरब से 24 अरब डॉलर के फंड को जारी करने और प्रतिबंध हटाने की मांग की है।

अधिकारियों के बयान और युद्धविराम की स्थिति

इस पूरे मामले पर दोनों देशों के अधिकारियों की तरफ से अलग-अलग बयान सामने आए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 25 मई को कहा था कि शांति समझौते पर काफी हद तक बातचीत हो चुकी है। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इसे अभी एक प्रक्रिया बताया है जिसमें कुछ शब्दों और वाक्यों को लेकर असहमति है।

दूसरी तरफ, ईरान के सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के डिप्टी सेक्रेटरी अली बघेरी ने कहा है कि जब तक सभी मुद्दों पर पूरी तरह सहमति नहीं बन जाती, तब तक किसी भी बात को फाइनल नहीं माना जाएगा। ईरान के विदेश मंत्रालय ने 26 मई को होर्मोजगान प्रांत में अमेरिका द्वारा किए गए हमलों को युद्धविराम का गंभीर उल्लंघन बताया है, जिससे जमीनी हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं।

शांति प्रक्रिया में इन देशों की है मुख्य भूमिका

इस पूरे मामले में पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ के रूप में दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत करवा रहा है। इसके अलावा ओमान भी होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों के प्रबंधन को लेकर ईरान के साथ सहयोग करने के लिए तैयार है। चीन ने भी इस शांति समझौते के प्रयासों का समर्थन किया है। इस समझौते की सकारात्मक खबरों के कारण ईरान की मुद्रा और शेयर बाजार में मजबूती देखी गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौता हो गया है?

नहीं, अभी केवल एक अनौपचारिक समझौते का शुरुआती ड्राफ्ट तैयार हुआ है। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि जब तक पूरी तरह से सहमति और जमीनी सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक इसे अंतिम नहीं माना जाएगा।

इस समझौते से तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा है?

इस समझौते की खबर आने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड यानी कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है, जिससे वैश्विक बाजार को थोड़ी राहत मिली है।