अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लंबी लड़ाई को खत्म करने के लिए एक बड़ा शांति प्लान तैयार कर लिया गया है. पाकिस्तान की मध्यस्थता में तैयार हुए इस ‘Islamabad Accord’ के तहत मध्य पूर्व में जारी तनाव को दो चरणों में खत्म करने की योजना है. इस समझौते की खबर से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और कारोबारियों के बीच सुरक्षा की नई उम्मीद जागी है. इस योजना पर सोमवार, 6 अप्रैल 2026 से काम शुरू होने की संभावना जताई गई है.

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शांति समझौते में क्या-क्या शर्तें रखी गई हैं?

इस शांति योजना को दो हिस्सों में बांटा गया है जिसमें सबसे पहले तुरंत युद्धविराम लागू किया जाएगा. इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद जरूरी Strait of Hormuz को फिर से खोल दिया जाएगा ताकि तेल की सप्लाई सामान्य हो सके. समझौते के अगले 15 से 20 दिनों के भीतर एक पक्का एग्रीमेंट तैयार किया जाएगा जिसमें ईरान अपने परमाणु हथियारों के कार्यक्रम को पूरी तरह बंद कर देगा. इसके बदले में अमेरिका ईरान पर लगी आर्थिक पाबंदियां हटा लेगा और उसकी रोकी गई संपत्तियों को भी वापस कर देगा.

इस समझौते में पाकिस्तान और अमेरिका की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान इस पूरे मामले में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और बातचीत का मुख्य जरिया बना हुआ है. पाकिस्तान के सेना प्रमुख Field Marshal Asim Munir लगातार अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi के साथ संपर्क में हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी रविवार को कहा था कि सोमवार तक इस समझौते के होने की पूरी उम्मीद है. हालांकि ईरान ने अभी तक औपचारिक रूप से अपनी पूरी सहमति नहीं दी है क्योंकि वह अमेरिका और इसराइल से अपनी सुरक्षा की गारंटी मांग रहा है.

मुख्य बिंदु विवरण
समझौते का नाम Islamabad Accord
युद्धविराम तत्काल प्रभावी
Strait of Hormuz दोबारा खोला जाएगा
समय सीमा 15 से 20 दिन
ईरान की शर्त परमाणु हथियार छोड़ना
अमेरिका की शर्त पाबंदियां हटाना और एसेट्स रिलीज करना