अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इस तनाव के बाद खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। सऊदी अरब ने बहरीन और कुवैत पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा की है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र और दुनिया के बड़े देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने को कहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच क्यों बढ़ा अचानक इतना तनाव?
इस विवाद की शुरुआत 9 जून 2026 को हुई जब हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य के ऊपर एक अमेरिकी सेना का अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अमेरिका ने इसका जिम्मेदार ईरान को ठहराया। इसके जवाब में 10 जून को अमेरिका ने दक्षिणी ईरान के इलाकों पर हवाई हमले किए। ईरान ने इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताते हुए कड़ी निंदा की और जवाबी कार्रवाई में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। जॉर्डन की सेना ने पुष्टि की है कि उन्होंने अपनी सीमा की तरफ आ रही 5 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
इस हमले के बाद खाड़ी सहयोग परिषद के देशों में हलचल तेज हो गई है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने बहरीन के राजा हमद से फोन पर बात की और बहरीन, जॉर्डन और कुवैत पर हुए हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की। कुवैत सरकार ने भी इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्रालय ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों के लिए न होने दें। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस संबंध में सऊदी अरब और तुर्की के विदेश मंत्रियों से फोन पर बात की है।
ताजा हवाई हमलों से ईरान में कितना नुकसान हुआ है?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर दूसरे दौर के हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान के सैन्य निगरानी तंत्र, संचार सिस्टम और हवाई रक्षा ठिकानों को निशाना बनाया गया है। ईरान की राजधानी तेहरान और बंदर अब्बास के पास भारी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। ईरान का दावा है कि अमेरिकी हमलों से सिरीक शहर में पानी के दो बड़े जलाशयों को नुकसान पहुंचा है जिससे हजारों लोगों के लिए पानी का संकट पैदा हो गया है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से जहाजों का आवागमन सामान्य रूप से चल रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या इस तनाव के कारण हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बंद हो गया है?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इस तनाव के बावजूद हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य से कमर्शियल जहाजों का आवागमन सामान्य रूप से जारी है और मार्ग बंद नहीं हुआ है।
ईरान ने किन देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले करने की पुष्टि की है।
सऊदी अरब ने इस मामले पर क्या रुख अपनाया है?
सऊदी अरब ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हुए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने बहरीन के राजा से बात कर एकजुटता व्यक्त की है।
