अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अब एक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। करीब 76 सालों से अमेरिका कोरिया से लेकर ईरान तक कई जंग लड़ चुका है, जिसमें बहुत पैसा और जानें गईं। हालिया ईरान युद्ध में भी भारी रकम खर्च हुई है और अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है।

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ईरान युद्ध और सैन्य खर्च का हिसाब

सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के सीनियर एडवाइजर मार्क कैनसियन ने बताया कि ईरान युद्ध के पहले हफ्ते में हवाई हमलों पर अमेरिका ने रोजाना करीब आधा अरब डॉलर खर्च किए। युद्ध के शुरुआती छह दिनों का कुल खर्च 12.7 अरब डॉलर रहा। हालांकि, 8 अप्रैल 2026 को युद्धविराम होने के बाद यह खर्च घटकर 100 मिलियन डॉलर प्रतिदिन से कम हो गया।

विवरण आंकड़े / जानकारी
शुरुआती हफ्ते का खर्च 0.5 अरब डॉलर प्रतिदिन
पहले 6 दिनों का कुल खर्च 12.7 अरब डॉलर
युद्धविराम के बाद खर्च 100 मिलियन डॉलर से कम प्रतिदिन
Boeing को मिला नया कॉन्ट्रैक्ट 2.3 अरब डॉलर
Boeing का पुराना कॉन्ट्रैक्ट 4.9 अरब डॉलर
प्रस्तावित नए F-35 जेट 85 विमान (2027 तक)
ईरान युद्ध का समय 61वां दिन

ताजा हालात और ट्रंप की चेतावनी

29 अप्रैल 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अब वह {Mr Nice Guy} नहीं रहेंगे और ईरान को बातचीत के मामले में समझदार बनना होगा। फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रुकी हुई है और एक्सपर्ट्स लंबी अवधि तक रुकावटों की आशंका जता रहे हैं। इसी बीच खबर आई है कि UAE ने OPEC संगठन छोड़ दिया है।

डिफेंस कंपनियों और सैन्य अपडेट

युद्ध की वजह से अमेरिका की डिफेंस कंपनियों की मांग बढ़ गई है। Boeing ने अपने नुकसान में कमी दर्ज की है और उसे अमेरिकी रक्षा विभाग से बड़े कॉन्ट्रैक्ट मिले हैं। वहीं Lockheed Martin के मुनाफे में F-16 के डेवलपमेंट में देरी और सप्लाई चेन की दिक्कतों के कारण कमी आई है। US जनरल डैन केन ने ईरान की कम से कम तीन परमाणु सुविधाओं पर बमबारी की जानकारी दी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की क्या स्थिति है?

वर्तमान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत रुकी हुई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है और विशेषज्ञों ने भविष्य में भी लंबे समय तक रुकावटें रहने की बात कही है।

ईरान युद्ध का खाड़ी देशों पर क्या असर पड़ा है?

इस युद्ध के कारण geopolitical तनाव बढ़ा है और रिपोर्ट के अनुसार UAE ने OPEC संगठन से बाहर निकलने का फैसला किया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.