अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा युद्ध अभी थमने वाला नहीं है। राष्ट्रपति Donald Trump के डिप्टी और उपराष्ट्रपति J.D. Vance ने संकेत दिए हैं कि यह लड़ाई अभी कई हफ्तों तक और खिंच सकती है। Axios की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अनुमान ट्रंप के उन दावों से अलग है जिसमें उन्होंने युद्ध को जल्द खत्म करने की बात कही थी। 27 मार्च 2026 को सामने आई इस जानकारी ने वैश्विक स्तर पर तनाव को फिर से बढ़ा दिया है क्योंकि प्रशासन अब लंबी लड़ाई की तैयारी कर रहा है।

युद्ध को लेकर प्रशासन की नई तैयारी क्या है?

अमेरिकी प्रशासन ने पहले इस सैन्य अभियान के लिए चार से छह हफ्तों का समय तय किया था, लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं। अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर चर्चा है कि यह संकट सितंबर तक भी जा सकता है। पेंटागन अब ईरान पर एक निर्णायक प्रहार की योजना बना रहा है जिसमें बड़े पैमाने पर बमबारी और जमीनी सेना का इस्तेमाल शामिल हो सकता है। जेडी वेंस ने इस दौरान इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ युद्ध रोकने के समझौतों पर भी चर्चा की है, लेकिन फिलहाल जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

मिडल ईस्ट और आम जनता पर क्या असर होगा?

खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील है। ईरान के साथ जारी इस तनाव का असर सीधा तेल की सप्लाई और समुद्री रास्तों पर पड़ सकता है। इस संघर्ष से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • सप्लाई चेन: ईरान Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही रोक सकता है, जिससे दुनिया भर में सामान महंगा हो सकता है।
  • डेडलाइन: राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों पर हमले की समय सीमा को बढ़ाकर 6 अप्रैल 2026 कर दिया है।
  • UN की चेतावनी: संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि यह संघर्ष अब नियंत्रण से बाहर होता जा रहा है।
  • डिप्लोमेसी: हालांकि बातचीत चल रही है, लेकिन पेंटागन किसी भी समय बड़े हमले के लिए तैयार बैठा है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.