ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2026 में शुरू हुई जंग के दौरान ईरान ने अमेरिका के 24 से ज्यादा बेहद आधुनिक MQ-9 Reaper ड्रोन मार गिराए हैं। इससे अमेरिका को करीब 1 अरब डॉलर यानी लगभग 8300 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। यह अमेरिका के पास मौजूद कुल रीपर ड्रोनों का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा है। इस जंग को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया गया था जो फरवरी 2026 में शुरू हुई थी।

कितने अमेरिकी विमानों का हुआ नुकसान और क्या है पूरा मामला?

अमेरिकी कांग्रेस की रिसर्च सर्विस (CRS) की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है कि इस संघर्ष के दौरान अमेरिका ने अपने कम से कम 42 विमान खोए या क्षतिग्रस्त कराए हैं। इसमें से 24 केवल MQ-9 Reaper ड्रोन थे। इन सभी ड्रोनों को ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने निशाना बनाया। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि अमेरिकी रिपोर्ट से साफ है कि अमेरिका को इस जंग में बहुत बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है। इसके साथ ही उन्होंने एक F-35 लड़ाकू विमान को भी मार गिराने का दावा किया है।

अमेरिकी सेना और बजट पर कितना पड़ा इसका असर?

पेंटागन के कार्यवाहक कॉम्पटोलर जूल्स हर्स्ट ने अमेरिकी संसद को बताया कि ईरान में सैन्य अभियानों की कुल लागत लगभग 29 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। इसमें क्षतिग्रस्त उपकरणों की मरम्मत और नए विमानों को बदलने का खर्च भी शामिल है। नीचे दी गई तालिका में अमेरिकी सेना के नुकसान और खर्चों का पूरा विवरण दिया गया है।

नुकसान का प्रकार संख्या या लागत
नष्ट हुए MQ-9 Reaper ड्रोन 24 से 30 के बीच
कुल नष्ट या क्षतिग्रस्त अमेरिकी विमान कम से कम 42 विमान
MQ-9 ड्रोनों की कुल अनुमानित लागत लगभग 1 अरब डॉलर
एक MQ-9 रीपर ड्रोन की कीमत 1.6 करोड़ से 3.4 करोड़ डॉलर
कुल सैन्य उपकरणों का नुकसान लगभग 2.6 अरब डॉलर
सैन्य अभियानों का कुल अमेरिकी खर्च लगभग 29 अरब डॉलर

क्या अब अमेरिका बंद कर रहा है MQ-9 रीपर ड्रोन का इस्तेमाल?

भारी नुकसान और इन ड्रोनों के आसानी से निशाना बनने के बाद अमेरिकी सेना अब MQ-9 Reaper ड्रोनों को धीरे-धीरे अपनी सेना से हटा रही है। जनरल एटॉमिक्स कंपनी द्वारा बनाए जाने वाले इन ड्रोनों का नया प्रोडक्शन अब अमेरिकी सेना के लिए नहीं किया जा रहा है। ऐसे में जंग के दौरान नष्ट हुए ड्रोनों की जगह नए ड्रोनों को लाना अमेरिकी सेना के लिए बहुत मुश्किल साबित हो रहा है क्योंकि पहले से ही इनकी मांग बहुत अधिक है और उत्पादन सीमित है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच यह जंग कब शुरू हुई थी?

यह संघर्ष जिसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी कहा जा रहा है, 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। हालांकि 8 अप्रैल 2026 से एक अस्थायी युद्धविराम लागू है, लेकिन फिर भी छोटे-मोटे हमले जारी हैं।

एक MQ-9 रीपर ड्रोन की कीमत कितनी होती है?

एक MQ-9 रीपर ड्रोन की कीमत उसके उपकरणों और क्षमता के आधार पर 1.6 करोड़ डॉलर से लेकर 3.4 करोड़ डॉलर के बीच होती है।