ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए पाकिस्तान ने एक बड़ी भूमिका निभानी शुरू कर दी है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के आर्मी चीफ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की. इस बैठक का मुख्य मकसद दोनों देशों के बीच युद्ध विराम करवाना और शांति बहाल करना था.

ℹ: Kuwait Money Transfer Rules: ऑनलाइन पैसे भेजने के लिए अब Kuwait Mobile ID App होगा जरूरी, सेंट्रल बैंक ने जारी किया नया नियम

बातचीत का तरीका क्या होगा और कौन शामिल है

ईरान ने यह साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के साथ सीधे तौर पर कोई मुलाकात नहीं करेगा. इसकी जगह पाकिस्तान एक मध्यस्थ यानी बीच के रास्ते के रूप में काम करेगा. ईरान अपनी बातें पाकिस्तानी अधिकारियों को बताएगा, जो आगे अमेरिका तक पहुंचाई जाएंगी. अमेरिका की तरफ से स्पेशल एनवॉय Steve Witkoff और सलाहकार Jared Kushner इस काम के लिए शनिवार को पाकिस्तान पहुंच रहे हैं. वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance भी तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर इस प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं.

अब तक क्या हुआ और आगे की क्या योजना है

अमेरिका और ईरान के बीच यह जंग करीब आठ हफ्ते पहले 28 फरवरी को शुरू हुई थी. इससे पहले 8 अप्रैल को पाकिस्तान ने दो हफ्ते का युद्ध विराम करवाया था, जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आगे बढ़ाया था. इस्लामाबाद में बातचीत का यह दूसरा दौर है, क्योंकि करीब दो हफ्ते पहले हुई पहली मुलाकात में कोई समझौता नहीं हो पाया था. अब इस दूसरे दौर की बातचीत से उम्मीद है कि युद्ध विराम को स्थायी बनाया जा सके.

ईरान के विदेश मंत्री का दौरा और सुरक्षा इंतजाम

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची एक तीन देशों के दौरे पर हैं, जिसमें उन्होंने मस्कट और मॉस्को की यात्रा भी की है. इस्लामाबाद में उनकी मुलाकात के दौरान सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे. शहर में कई जगहों पर चेकिंग पॉइंट्स लगाए गए, सड़कों को बंद रखा गया और पुलिस और सेना की भारी तैनाती की गई ताकि बैठक सुरक्षित तरीके से पूरी हो सके.