अमेरिका और इसराइल की ईरान के साथ जंग ने पूरी दुनिया में तनाव बढ़ा दिया है। पाकिस्तान में हुई 21 घंटे की लंबी बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की पूरी तरह नाकेबंदी करने की चेतावनी दी है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।

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जंग में किन जगहों पर हुए हमले और क्या हुआ नुकसान

इस युद्ध में अमेरिका और इसराइल ने ईरान के कई सरकारी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता अली खमेनेई की हत्या हुई और एक स्कूल पर हमले में 100 से ज्यादा बच्चों की जान चली गई। जवाब में ईरान ने इसराइल, अमेरिका के सैन्य ठिकानों और खाड़ी देशों (GCC) पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।

प्रभावित पक्ष नुकसान और घटना
ईरान सैन्य ठिकानों पर हमला, अली खमेनेई की हत्या
लेबनान 2 मार्च से अब तक 2000 से ज्यादा मौतें
GCC देश सभी 6 देशों के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमला
इसराइल ईरानी ड्रोन और मिसाइलों का सामना
नागरिक स्कूल हमले में 100 से ज्यादा बच्चों की मौत
तेहरान एक सिनेगॉग (यहूदी प्रार्थना स्थल) तबाह

व्यापार और अर्थव्यवस्था पर क्या पड़ा असर

ईरान ने वैश्विक व्यापार को रोकने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को बंद कर दिया था और वहां समुद्री बारूदी सुरंगें बिछा दी थीं। इससे पूरी दुनिया के व्यापार पर बुरा असर पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2026 तक अरब देशों को करीब 120 अरब डॉलर से ज्यादा का आर्थिक नुकसान हुआ है। फिलहाल अमेरिकी जहाज वहां सुरंगें हटाने का काम कर रहे हैं।

शांति वार्ता क्यों नाकाम हुई और आगे क्या होगा

पाकिस्तान की मध्यस्थता में 11 और 12 अप्रैल को शांति बातचीत हुई, लेकिन अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी टीम बिना किसी नतीजे के वापस लौट गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर अड़ियल रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। अब युद्धविराम बहुत कमजोर है और किसी भी समय हिंसा फिर से शुरू हो सकती है। पाकिस्तान ने रक्षा समझौते के तहत सऊदी अरब में अपने फाइटर जेट भेजे हैं।