अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब खत्म होने के करीब है। Tehran इस वक्त शांति के एक नए प्रस्ताव की जांच कर रहा है। ट्रंप का मानना है कि दोनों देशों के बीच समझौता होना अब बहुत मुमकिन है और यह युद्ध जल्दी समाप्त हो जाएगा।

शांति प्रस्ताव में क्या हैं मुख्य बातें?

6 मई 2026 को एक मेमोरेंडम पर चर्चा हुई जिसमें युद्ध खत्म करने की कोशिश की गई। इस प्रस्ताव की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • समय सीमा: अंतिम समझौते के लिए 30 दिन का समय तय किया गया है।
  • परमाणु हथियार: ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा, लेकिन 12 साल बाद कम स्तर पर यूरेनियम समृद्ध कर सकेगा।
  • अमेरिकी राहत: अमेरिका ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाएगा और उसके फ्रीज किए हुए पैसे वापस करेगा।
  • समुद्री रास्ता: Strait of Hormuz से आने-जाने की पाबंदियां समझौते के 30 दिनों के भीतर हटा ली जाएंगी।

अमेरिका और ईरान की ‘रेड लाइन’ क्या हैं?

शांति की कोशिशों के बीच दोनों देशों ने कुछ शर्तें रखी हैं जिन पर वे पीछे नहीं हटना चाहते। इन शर्तों को ‘रेड लाइन’ कहा जा रहा है:

  • अमेरिका की शर्तें: अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान को यूरेनियम समृद्ध करना पूरी तरह बंद करना होगा, परमाणु केंद्रों को हटाना होगा और आतंकी गुटों की फंडिंग बंद करनी होगी।
  • ईरान की शर्तें: ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ किया है कि देश के मिसाइल प्रोग्राम और रक्षा क्षमताओं पर कोई समझौता नहीं होगा।

ताजा हालात और सैन्य हलचल

शांति की बातों के बीच जमीन पर हलचल अभी भी जारी है। 7 मई 2026 को एक फ्रांसीसी युद्धपोत Strait of Hormuz की तरफ बढ़ाया गया है। उधर US Treasury Secretary Scott Bessent ने बताया कि उनके ‘Economic Fury’ कैंपेन से ईरानी शासन पर भारी वित्तीय दबाव है। इसके अलावा व्हाइट हाउस ने 1 मई को कांग्रेस को सूचित किया कि ईरान के साथ सैन्य कार्रवाई खत्म कर दी गई है क्योंकि 60 दिनों की समय सीमा पूरी हो चुकी थी।

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान युद्ध के बारे में क्या कहा?

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध अब खत्म होने के करीब है और शांति समझौता होना बहुत संभव है।

Strait of Hormuz को लेकर क्या प्रस्ताव है?

प्रस्ताव के मुताबिक, समझौते पर हस्ताक्षर होने के 30 दिनों के भीतर इस समुद्री रास्ते से आने-जाने की पाबंदियां हटा ली जाएंगी।