अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीनों से चल रही जंग को खत्म करने के लिए बातचीत तेज हो गई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोई भी खराब समझौता नहीं करेंगे। ट्रंप ने अपनी टीम को निर्देश दिया है कि वे समझौते के लिए किसी भी तरह की जल्दबाजी न करें। इस बीच दोनों देशों के बीच जारी बातचीत और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के खुलने की उम्मीद के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 6 फीसदी की भारी गिरावट देखी गई है।
डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन ने क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 25 मई 2026 को नई दिल्ली में बयान दिया कि अमेरिका या तो ईरान के साथ एक अच्छा समझौता करेगा या फिर दूसरा रास्ता अपनाएगा। उन्होंने कहा कि कूटनीति को पूरा मौका दिया जा रहा है लेकिन इजरायल को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि समय हमारे पास है और जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने साफ किया कि अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी जहाजों की नाकेबंदी तब तक पूरी तरह लागू रहेगी जब तक कि दोनों पक्षों के बीच लिखित समझौता नहीं हो जाता और उसे मंजूरी नहीं मिल जाती।
ईरान और मध्यस्थ देशों का बातचीत पर क्या है स्टैंड?
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने माना कि बातचीत के बड़े हिस्से पर प्रगति हुई है लेकिन उन्होंने यह भी आगाह किया कि इसका मतलब यह नहीं है कि समझौते पर तुरंत हस्ताक्षर होने वाले हैं। ईरान अपने आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने के लिए समय लेने को तैयार है। इस शांति समझौते में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ, सेना प्रमुख आसिम मुनीर और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी मध्यस्थता की कोशिशों में जुटे हुए हैं। इन नेताओं ने हाल ही में बीजिंग में मुलाकात कर युद्ध को औपचारिक रूप से समाप्त करने पर चर्चा की है।
इस संभावित समझौते में कौन सी मुख्य बातें शामिल हैं?
दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत में कुछ बेहद महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम किया जा रहा है जिससे क्षेत्र में शांति आ सके।
- 60 दिनों का सीजफायर: दोनों पक्षों के बीच शुरूआती तौर पर 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने पर बातचीत चल रही है।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य खोलना: समुद्री व्यापार के लिए सबसे जरूरी हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने पर सहमति बनाने की कोशिश हो रही है।
- परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा: ईरान के यूरेनियम संवर्धन और उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने को लेकर चर्चा जारी है।
- फंड रिलीज करना: ईरान के विदेशों में फ्रीज किए गए फंड को जारी करना भी बातचीत का एक मुख्य हिस्सा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की बातचीत में कौन से देश मध्यस्थता कर रहे हैं?
इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ, सेना प्रमुख आसिम मुनीर और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बीजिंग में मिलकर सक्रिय रूप से मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं।
इस शांति वार्ता की खबरों का कच्चे तेल के बाजार पर क्या असर पड़ा है?
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की सकारात्मक खबरों और हॉर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने की उम्मीद के चलते 25 मई 2026 को वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें 6 प्रतिशत तक गिर गईं।