अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 10 जुलाई 2026 को अमेरिकी कांग्रेस को सूचित किया कि ईरान के साथ युद्ध फिर से शुरू हो गया है। उन्होंने दोनों देशों के बीच हुए संघर्ष विराम को समाप्त घोषित कर दिया है। यह कदम 7 जुलाई को अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद उठाया गया है। संघर्ष की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी और 14 जून 2026 को एक समझौते के जरिए इसे रोकने का प्रयास किया गया था।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का कड़ा रुख
राष्ट्रपति Donald Trump ने 13 जुलाई को घोषणा की कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नियंत्रण होगा। उन्होंने कहा कि वहां से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर अब 20 फीसदी टोल वसूला जाएगा। अमेरिका ने खुद को इस जलमार्ग का संरक्षक बताते हुए 1000 मिसाइलें ईरान के खिलाफ तैयार रखने की चेतावनी दी है। अमेरिकी सैन्य कमांड CENTCOM के अनुसार, हालिया हमलों में पहली बार समुद्री ड्रोन का इस्तेमाल किया गया और बंदर अब्बास नौसेना बेस पर महत्वपूर्ण सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया गया।
ईरान की प्रतिक्रिया और तनाव का असर
ईरान के Persian Gulf Strait Authority ने इस क्षेत्र को बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी हमलों में दो लोगों की मौत हुई है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता Hossein Mohebi ने दावा किया कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई में बहरीन, कुवैत, ओमान और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और रडार सिस्टम को निशाना बनाया है। जॉर्डन की सेना ने अपनी सीमा में कई ईरानी मिसाइलों को मार गिराने की पुष्टि की है। इस बढ़ते तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की कीमतों पर दिख रहा है, जिससे आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ रहा है। अमेरिकी सीनेटर Maggie Hassan ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद से गैस की कीमतें फिर से बढ़ने लगी हैं, जो कि आम अमेरिकियों के लिए चिंता का विषय है।
