सोमवार, 20 जुलाई 2026 को ईरान के तबरीज़ शहर में भीषण धमाके की आवाज सुनाई दी, जो अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का एक और बड़ा उदाहरण है। पूर्वी अज़रबैजान प्रांत के आपदा प्रबंधन प्रमुख Majid Farshi ने पुष्टि की कि अमेरिकी हमले में तबरीज़ के पास एक सैन्य क्षेत्र को निशाना बनाया गया, जिससे इलाके में भारी धमाका हुआ। इस घटना में ईरान के एयर डिफेंस यूनिट के एक अधिकारी की मौत हो गई और कई लोग घायल हुए हैं।
पूर्ण युद्ध की घोषणा
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि ईरान और अमेरिका के बीच अब पूर्ण युद्ध शुरू हो चुका है। यह स्थिति पिछले 10 दिनों से जारी सैन्य संघर्ष का परिणाम है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि वे होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को सुरक्षित रखने और ईरान की सैन्य क्षमताओं को कम करने के लिए यह कार्रवाई कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि अमेरिका ने ईरान को करारा जवाब दिया है और वे इस समय किसी भी प्रकार की वार्ता के इच्छुक नहीं हैं।
खाड़ी देशों पर असर
इस संघर्ष का असर अब पूरे मध्य पूर्व में फैल रहा है। ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों और बहरीन, कुवैत व जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। बहरीन में ईरान के हमलों से एयर ट्रैफिक सिस्टम को नुकसान पहुंचा है, वहीं कुवैत ने अपने ऊपर ड्रोन हमले की कोशिश को नाकाम करने का दावा किया है। कुवैत ने बताया कि उनके बिजली और पानी के संयंत्रों को निशाना बनाने की कोशिश की गई। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव Antonio Guterres ने आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हुए हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। फिलहाल, शांति बहाली के लिए मध्यस्थों ने 10 दिनों के युद्धविराम का प्रस्ताव रखा है जिस पर विचार किया जा रहा है।
