अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है और युद्ध की आहट सुनाई दे रही है। डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनी और खाड़ी देशों में हो रहे ड्रोन हमलों ने दुनिया भर में चिंता बढ़ा दी है। इस लड़ाई का सीधा असर ईंधन की कीमतों और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है।
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के आसार क्यों बढ़े?
- राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि समय निकलता जा रहा है और उन्हें जल्द शांति समझौता करना होगा।
- दोहा इंस्टीट्यूट के प्रोफेसर मोहम्मद अलमसरी का मानना है कि अगले एक-दो दिनों में अमेरिका ईरान पर फिर हमला कर सकता है।
- ईरान के रक्षा मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा है कि उनकी सेना किसी भी नए हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
- अमेरिका ने ईरान के सामने शर्त रखी है कि वह केवल एक परमाणु साइट चालू रखे और अपना यूरेनियम भंडार अमेरिका को सौंप दे।
UAE और सऊदी अरब में ड्रोन हमलों का क्या अपडेट है?
- सऊदी अरब ने हाल ही में तीन ड्रोन हमलों को नाकाम किया और उन्हें हवा में ही मार गिराया।
- UAE के बरकाका न्यूक्लियर एनर्जी प्लांट के बाहरी हिस्से में एक ड्रोन हमला हुआ, जिससे बिजली जनरेटर में आग लग गई।
- US Central Command (CENTCOM) के एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि अब तक 6,000 से ज्यादा ड्रोन और 1,500 से अधिक मिसाइलों को रोका जा चुका है।
- UAE के रक्षा मंत्रालय ने इस हमले को एक बिना उकसावे वाला आतंकवादी हमला बताया है।
आम लोगों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका क्या प्रभाव होगा?
- युद्ध की वजह से तेल और ईंधन के दाम बढ़ रहे हैं, जिससे अमेरिका और अन्य देशों में महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है।
- ईरान अब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के लिए नया सिस्टम बनाने और टोल टैक्स वसूलने की योजना बना रहा है।
- पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री ने ईरान के राष्ट्रपति से मुलाकात की है ताकि बातचीत के जरिए मामला सुलझाया जा सके।
- ओमान भी ईरान के साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों के सुरक्षित आने-जाने को लेकर तकनीकी बातचीत कर रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या UAE के न्यूक्लियर प्लांट को ज्यादा नुकसान पहुंचा है?
ड्रोन हमले में प्लांट के बाहरी घेरे के एक इलेक्ट्रिकल जनरेटर में आग लगी थी, लेकिन प्लांट के मुख्य आंतरिक हिस्से पूरी तरह सुरक्षित रहे।
अमेरिका ने ईरान के सामने क्या मुख्य मांगें रखी हैं?
अमेरिका ने मांग की है कि ईरान केवल एक परमाणु साइट को चालू रखे और अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को अमेरिका को हस्तांतरित करे।
