अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी नावों ने व्यापारिक जहाजों पर हमले किए हैं, जिससे इलाके में युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, आने वाले कुछ दिनों में स्थिति और ज्यादा खराब हो सकती है। इस तनाव का सीधा असर तेल की सप्लाई और समुद्री रास्तों पर पड़ सकता है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में क्या हुआ और क्यों बढ़ी टेंशन?

18 अप्रैल 2026 को ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का फैसला पलट दिया और वहां पाबंदियां लगा दीं। ईरानी गनबोट्स ने वहां से गुजर रहे जहाजों पर फायरिंग की और एक कंटेनर जहाज पर अज्ञात मिसाइल भी गिरी। अमेरिका ने 13 अप्रैल से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर रखी है, जिसके जवाब में ईरान ने यह कदम उठाया है।

क्या युद्ध को रोकने के लिए कोई रास्ता बचा है?

अमेरिका और ईरान के बीच एक कमजोर युद्धविराम चल रहा है, जो अगले हफ्ते के बीच यानी 22 अप्रैल के आसपास खत्म हो जाएगा। पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच बीच-बचाव करने की कोशिश कर रहा है और दूसरा दौर की बातचीत कराने की तैयारी में है। Axios की रिपोर्ट के अनुसार, एक शांति योजना पर बात चल रही है जिसमें 20 अरब डॉलर के फंड और यूरेनियम के बदले समझौता हो सकता है, लेकिन डोनाल्ड ट्रंप ने पैसों के लेन-देन से इनकार किया है।

अमेरिका और ईरान विवाद की मुख्य बातें

तारीख और विवरण मुख्य घटना
13 अप्रैल 2026 अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू की
18 अप्रैल 2026 ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले किए
22 अप्रैल 2026 दोनों देशों के बीच युद्धविराम की समय सीमा खत्म होगी
डोनाल्ड ट्रंप कहा कि डील होने तक नाकाबंदी पूरी तरह जारी रहेगी
ईरान सैन्य कमांड जलमार्ग का कंट्रोल फिर से सेना के हाथ में लिया
पाकिस्तान दोनों देशों के बीच समझौते के लिए कोशिशें जारी हैं