अमेरिका में ईरान युद्ध को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ट्रंप प्रशासन को कांग्रेस से सैन्य कार्रवाई की मंजूरी लेनी थी या फिर युद्ध को खत्म करना था, लेकिन शुक्रवार 1 मई 2026 की समय सीमा बिना किसी कार्रवाई के निकल गई। अब अमेरिकी राजनीति में इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या राष्ट्रपति बिना संसदीय मंजूरी के युद्ध जारी रख सकते हैं।

War Powers Resolution क्या है और इस पर विवाद क्यों है?

अमेरिका में 1973 का एक कानून है जिसे War Powers Resolution कहा जाता है। इस नियम के मुताबिक, अगर राष्ट्रपति सेना को युद्ध में भेजते हैं, तो उन्हें 60 दिनों के भीतर कांग्रेस की मंजूरी लेनी होती है। अगर मंजूरी नहीं मिलती, तो सेना को वापस बुलाना पड़ता है।

  • ट्रंप प्रशासन का दावा है कि यह नियम अब लागू नहीं होता क्योंकि 7 अप्रैल 2026 को ईरान के साथ ceasefire (युद्धविराम) हो गया था।
  • रक्षा सचिव Pete Hegseth ने एक सुनवाई के दौरान कहा कि ceasefire की वजह से 60 दिनों की समय सीमा रुक गई है।
  • दूसरी ओर, Senator Adam Schiff ने चेतावनी दी कि इस कानून को नजरअंदाज करना राष्ट्रपति की शक्तियों का गलत इस्तेमाल होगा।

अमेरिकी नेताओं और सांसदों की इस पर क्या राय है?

रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी इस मुद्दे पर अलग-अलग राय देखने को मिल रही है। कुछ नेता राष्ट्रपति के साथ हैं, तो कुछ इसे नियम का उल्लंघन मान रहे हैं।

  • Senate Majority Leader John Thune ने साफ किया कि वह फिलहाल इस मामले में दखल नहीं देंगे और न ही कोई वोट कराएंगे।
  • Senator Susan Collins ने सैन्य कार्रवाई खत्म करने के पक्ष में वोट दिया और कहा कि 60 दिनों की डेडलाइन कोई सुझाव नहीं बल्कि एक अनिवार्य नियम है।
  • Senator John Curtis ने कहा कि बिना कांग्रेस की मंजूरी के वह युद्ध के लिए और फंड देने के समर्थन में नहीं हैं।
  • Senator Lisa Murkowski ने कहा कि अगर प्रशासन कोई ठोस प्लान पेश नहीं करता, तो वह खुद सैन्य मंजूरी का एक सीमित प्रस्ताव लाएंगी।

युद्ध की ताजा स्थिति और शांति की कोशिशें क्या हैं?

युद्ध के बीच कुछ ऐसी खबरें भी आई हैं जिनसे लगता है कि पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है। राष्ट्रपति Donald Trump ने 26 मार्च 2026 को दावा किया था कि ईरान अब डील करना चाहता है और युद्ध उम्मीद से पहले खत्म हो सकता है।

इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान ने एक मध्यस्थ (mediator) के तौर पर काम किया। वॉशिंगटन की तरफ से पाकिस्तान के जरिए ईरान को 15 पॉइंट की एक एक्शन लिस्ट भेजी गई थी। इस सैन्य अभियान में Israel ने अमेरिका का साथ दिया और दोनों देशों ने मिलकर हमले किए। हालांकि, ईरान ने सार्वजनिक तौर पर बातचीत से इनकार किया है, लेकिन संकेत मिले हैं कि वह डील के लिए खुला हो सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका ने ईरान युद्ध के लिए कांग्रेस से मंजूरी ली?

नहीं, 1 मई 2026 की डेडलाइन तक ट्रंप प्रशासन ने कोई मंजूरी नहीं मांगी और न ही कांग्रेस ने इस पर कोई वोट किया।

ट्रंप सरकार इस डेडलाइन को क्यों नजरअंदाज कर रही है?

सरकार का तर्क है कि 7 अप्रैल 2026 को हुए ceasefire के बाद युद्ध की स्थिति खत्म हो गई, इसलिए उन्हें War Powers Resolution के तहत मंजूरी की जरूरत नहीं है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.