अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के 7000 से ज्यादा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. इस बड़ी सैन्य कार्रवाई में ईरान के 100 से अधिक जहाज डुबा दिए गए हैं. युद्ध के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए मिडिल ईस्ट के देशों में रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों के लिए सुरक्षा अलर्ट भी जारी किया गया है.

ईरान पर हुए हमले और भारी नुकसान

ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के तहत ईरान की नौसेना और वायुसेना को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचाया गया है. उनका कहना है कि ईरान अब केवल कागजी शेर बनकर रह गया है.

  • अमेरिकी सेना के सेंटकॉम (CENTCOM) के अनुसार ईरान की मिसाइल क्षमता 90 प्रतिशत और ड्रोन क्षमता 95 प्रतिशत तक नष्ट कर दी गई है.
  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में माइन बिछाने वाले 30 ईरानी जहाजों को तबाह किया गया है.
  • ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप (Khark Island) पर 90 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया.
  • शुरुआती दिनों में ही अमेरिका ने इस युद्ध में करीब 5.6 बिलियन डॉलर के हथियारों का इस्तेमाल किया है.

खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर असर

इस युद्ध का सीधा असर गल्फ देशों में रहने वाले लोगों और वहां काम करने वाले भारतीयों पर पड़ रहा है. अमेरिका ने अपने नागरिकों को मिस्र और पूर्वी मध्य पूर्व के देशों से बाहर निकलने की सलाह दी है. हाल ही में सऊदी अरब के रियाद में अमेरिकी दूतावास के पास एक ड्रोन हमले का खतरा देखा गया था. इसके कारण उड़ानों और यात्रा पर बुरा असर पड़ रहा है. ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी है कि ईरान अगर होर्मुज के रास्ते में माइन लगाता है, तो यह उसके लिए आत्मघाती कदम होगा.

कई देशों ने किया अमेरिका का समर्थन

ट्रंप के बयान के अनुसार कई अन्य देश भी इस युद्ध में अमेरिका का साथ देने के लिए आगे आ रहे हैं. फ्रांस ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से सुरक्षित खोलने में मदद की पेशकश की है. दूसरी तरफ ब्रिटेन और स्पेन जैसे देशों ने अपने एयरबेस के इस्तेमाल से इनकार किया है. अमेरिका ने ओमान और मिस्र द्वारा पेश किए गए युद्धविराम के प्रस्ताव को फिलहाल ठुकरा दिया है और साफ किया है कि उनका लक्ष्य पूरी तरह से इस ऑपरेशन को खत्म करना है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.