अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में फंसे अपने दो जांबाजों को सुरक्षित निकालने के ऑपरेशन को ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने अपने बहादुर सैनिकों को वापस लाने के लिए हर मुमकिन कोशिश की। यह रेस्क्यू ऑपरेशन 3 से 5 अप्रैल 2026 के बीच चला, जिसमें एक पायलट और एक कर्नल रैंक के ऑफिसर को बचाया गया। अमेरिका और ईरान के बीच यह युद्ध 28 फरवरी से चल रहा है और अब हालात और भी गंभीर होते जा रहे हैं।

रेस्क्यू ऑपरेशन की मुख्य बातें क्या हैं

अमेरिकी एयरफोर्स का F-15 ईगल विमान 3 अप्रैल को ईरान में गिरा था जिसके बाद यह बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। इस मिशन के बारे में मुख्य जानकारी इस प्रकार है:

  • पायलट की वापसी: विमान गिरने के कुछ ही समय बाद पायलट को सुरक्षित निकाल लिया गया था।
  • कर्नल का रेस्क्यू: वेपन सिस्टम ऑफिसर जो कि एक कर्नल हैं, उन्हें 5 अप्रैल को घायल हालत में सुरक्षित बचा लिया गया।
  • CIA की मदद: इस मिशन में CIA ने ईरानी अधिकारियों को उलझाने के लिए गलत सूचनाएं फैलाने का काम किया था।
  • इजरायली मदद: इजरायली वायुसेना ने ईरानी सेना को रेस्क्यू वाली जगह तक पहुंचने से रोकने के लिए हवाई हमले किए थे।

ट्रंप ने ईरान को क्या बड़ी चेतावनी दी है

राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मिशन की कामयाबी के बाद ईरान को एक कड़ा अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के पास मंगलवार 7 अप्रैल की रात 8 बजे तक का समय है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोल दे। अगर ऐसा नहीं किया गया तो अमेरिका ईरान के बिजली घरों, पुलों और अन्य सरकारी संपत्तियों पर हमले और तेज कर देगा। अमेरिका की सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि रेस्क्यू के बाद भी ईरान पर अमेरिकी हमले जारी हैं। फिलहाल अमेरिका और इजराइल की सेनाओं ने ईरान के 12 शहरों में कई ठिकानों को निशाना बनाया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.