अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ जारी युद्ध को समाप्त करने के समझौते पर फैसला लेने के लिए व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम (Situation Room) में एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक की, लेकिन दो घंटे चली इस बैठक के बाद भी कोई अंतिम फैसला नहीं हो सका है। वहीं दूसरी ओर, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने बड़ा दावा करते हुए घोषणा की है कि उनकी सेना दक्षिणी लेबनान में लितानी नदी (Litani River) तक पहुंच गई है। इन दोनों बड़े घटनाक्रमों ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को और बढ़ा दिया है।

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अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर क्यों नहीं बन पाई बात?

व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में हुई इस बैठक में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते पर विस्तार से विचार किया गया। राष्ट्रपति Donald Trump ने इस समझौते के लिए कुछ बेहद सख्त शर्तें रखी हैं। इनमें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को तुरंत खोलना, ईरान द्वारा अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को नष्ट करने के लिए अमेरिका के साथ काम करना और भविष्य में कभी परमाणु हथियार न बनाने का वादा शामिल है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप केवल उसी समझौते को स्वीकार करेंगे जो अमेरिका के हित में होगा। अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने साफ चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं होता है, तो अमेरिका ईरान पर फिर से हमले शुरू करने के लिए तैयार है। हालांकि, पर्दे के पीछे 60 दिनों के युद्धविराम विस्तार का एक मसौदा (MoU) तैयार किया गया है, जिस पर ट्रंप की अंतिम मंजूरी का इंतजार है। इस समझौते के तहत ईरान की बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाई जा सकती है।

इसराइल ने लेबनान में लितानी नदी पार करने का किया दावा

दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने पुष्टि की है कि इसराइली सेना दक्षिणी लेबनान में लितानी नदी के उत्तर में आगे बढ़ चुकी है और वहां महत्वपूर्ण नियंत्रण वाली स्थिति में आ गई है। इसराइल की सेना बेरूत और बेका घाटी में हिजबुल्लाह को निशाना बनाकर हवाई हमले कर रही है। हालांकि, इसराइल के ही सुरक्षा अधिकारियों ने प्रधानमंत्री के इस सार्वजनिक बयान की आलोचना की है। उनका कहना है कि इस तरह के बयानों से सैनिकों की सुरक्षा को खतरा हो सकता है और यह केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा है।

लेबनान में 17 अप्रैल से लागू हुआ युद्धविराम सीमा पर जारी लड़ाई को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा है। लेबनान के अधिकारियों के अनुसार, मार्च में संघर्ष शुरू होने के बाद से अब तक 3,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें बच्चों की एक बड़ी संख्या शामिल है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने वाला है?

अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के युद्धविराम के समझौते पर बातचीत चल रही है, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी तक इस पर अंतिम मुहर नहीं लगाई है। ट्रंप की सख्त शर्तों के कारण फैसला अभी टला हुआ है।

लितानी नदी पर इसराइली सेना के पहुंचने का क्या मतलब है?

लेबनान की लितानी नदी सीमा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसराइल का दावा है कि उसकी सेना ने नदी पार कर ली है और वह हिजबुल्लाह को पीछे धकेलने के लिए बेरूत तथा बेका घाटी में सैन्य अभियान चला रही है।