अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में नया मोड़ आया है. 14 मार्च 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप की टीम के वरिष्ठ सदस्य अब युद्ध से वापस लौटने की सलाह दे रहे हैं. उनका कहना है कि अमेरिका को अब अपनी जीत का ऐलान करके सेना को वापस बुला लेना चाहिए. वहीं, सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने रियाध और अन्य क्षेत्रों की तरफ आ रहे कई मिसाइल और ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक कर बड़ा नुकसान होने से टाल दिया है.

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ट्रंप के अधिकारी क्यों चाहते हैं युद्ध रोकना?

फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के चीफ ऑफ स्टाफ सूसी विल्स और जेम्स ब्लेयर जैसे अधिकारी चाहते हैं कि अमेरिका इस युद्ध को अब पूरा हुआ मान ले. इसका मुख्य कारण दुनिया भर में बढ़ती महंगाई और अमेरिका में होने वाले आगामी मिडटर्म चुनाव हैं. केंटकी की एक रैली में राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि हम जीत गए हैं और ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के लक्ष्य हासिल कर लिए गए हैं. हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि अभी कुछ काम बाकी है. वहीं, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ जैसे कुछ नेता अब भी सेना का दबाव बनाए रखने के पक्ष में हैं.

सऊदी अरब में मिसाइल हमले और तेल पर असर

सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा कड़ी करते हुए पूर्वी और मध्य क्षेत्रों में बड़े मिसाइल और ड्रोन हमलों को विफल कर दिया है. इसमें रियाध का डिप्लोमैटिक क्वार्टर भी शामिल था जिसे निशाना बनाने की कोशिश की गई थी. युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बंद हो गया है, जिससे तेल की सप्लाई पर भारी असर पड़ा है. इस समस्या से निपटने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने अपने सुरक्षित भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल जारी किया है. सऊदी के तेल अधिकारियों का कहना है कि अब तेल लाल सागर के रास्ते भेजा जा रहा है, लेकिन लंबा युद्ध दुनिया की अर्थव्यवस्था को खराब कर देगा.

युद्ध से अब तक कितना नुकसान हुआ?

28 फरवरी 2026 में शुरू हुए इस संघर्ष के बाद से कई बड़े बदलाव और भारी नुकसान देखे गए हैं. आधिकारिक डेटा के अनुसार स्थिति इस प्रकार है:

  • अब तक इस युद्ध में 1800 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है, जिसमें 8 अमेरिकी सैनिक भी शामिल हैं.
  • ईरान में अली खामेनेई की मौत के बाद मोजतबा खामेनेई नए सुप्रीम लीडर बन गए हैं.
  • IMF की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने चेतावनी दी है कि ऊर्जा की कीमतों में हर 10% की बढ़ोतरी से 2026 में ग्लोबल महंगाई 0.5% बढ़ जाएगी.
  • अमेरिका ने ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति के तहत 31 UN संस्थाओं सहित 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से हटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.
  • अमेरिकी सेना के जनरल डैन केन के अनुसार, इन हमलों का मकसद ईरान की ताकत को उसकी सीमा के बाहर फैलने से हमेशा के लिए रोकना था.
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.