अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग अब एक बड़े मोड़ पर पहुँच गई है। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया है कि उन्होंने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन हमला करने की क्षमता को काफी हद तक कम कर दिया है। पिछले 24 घंटों में समुद्र तटीय इलाकों में स्थित ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर भारी बमबारी की गई है। इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान को उसकी सीमाओं के बाहर ताकत दिखाने से रोकना और समुद्री रास्तों को सुरक्षित करना है।

ईरान की सैन्य ताकत को कितना नुकसान पहुँचा?

अमेरिकी रक्षा मंत्रालय और सैन्य प्रमुखों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार ईरान की युद्ध लड़ने की शक्ति पर बड़ा प्रहार हुआ है। जनरल डैन काइन ने जानकारी दी कि ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल दागने की क्षमता में अब तक 90 प्रतिशत की कमी आई है। इसके साथ ही ड्रोन हमलों में भी 83 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है क्योंकि अमेरिका ने उनके बनाने वाले कारखानों और लॉन्चिंग पैड को निशाना बनाया है।

  • अमेरिकी नौसेना ने ईरान के 50 से ज्यादा युद्धपोतों को नष्ट करने का दावा किया है।
  • हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित मिसाइल ठिकानों पर 5000 पाउंड के बंकर बस्टर बमों से हमला किया गया।
  • ईरान की परमाणु और सैन्य संपत्तियों को नष्ट करने के लिए इजरायल के साथ मिलकर ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
  • इराक में मौजूद ईरान समर्थित गुटों के ठिकानों पर भी हमले किए गए हैं ताकि वहां से होने वाले खतरों को रोका जा सके।

क्षेत्रीय सुरक्षा और खाड़ी देशों पर इसका प्रभाव

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था बहुत कड़ी कर दी है। हाल ही में रियाद की तरफ दागी गई चार बैलिस्टिक मिसाइलों को सऊदी सेना ने सफलतापूर्वक हवा में ही मार गिराया। वहीं कतर ने भी अपने यहाँ मौजूद ईरानी दूतावास के सैन्य अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। इस बीच ओमान की खाड़ी में एक कमर्शियल जहाज पर हमला हुआ जिसके बाद पूरे समुद्री रास्ते में निगरानी बढ़ा दी गई है।

  • नौसेना
  • क्षेत्र नुकसान और स्थिति
    बैलिस्टिक मिसाइल 90% क्षमता खत्म हुई
    ड्रोन हमले 83% की भारी गिरावट
    50 से अधिक ईरानी युद्धपोत तबाह
    सऊदी अरब 4 मिसाइलें इंटरसेप्ट की गईं
    कतर ईरानी अधिकारियों को देश छोड़ने का आदेश
    हॉर्मुज जलसंधि सुरक्षा के लिए अमेरिकी सेना की तैनाती पर विचार

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अन्य देशों से भी अपील की है कि वे हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने में मदद करें ताकि दुनिया भर में तेल की सप्लाई बाधित न हो। अमेरिका अब ईरान के मुख्य गैस फील्ड को भी निशाना बनाने की चेतावनी दे चुका है यदि ईरान ने पड़ोसी देशों पर हमले बंद नहीं किए।