अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव में एक नया मोड़ आया है। हालांकि दोनों देशों के बीच अभी दो हफ्ते का सीजफायर चल रहा है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि जंग फिर से शुरू हो सकती है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन ने युद्ध की संभावना को पूरी तरह खत्म नहीं माना है। पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए इस समझौते में अब कई रुकावटें आने लगी हैं, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।

सीजफायर के बावजूद जंग का खतरा क्यों बना हुआ है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेना ईरान के पास तब तक मौजूद रहेगी जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता। ट्रंप का कहना है कि अगर समझौते की शर्तों का पालन नहीं हुआ, तो बड़ी सैन्य कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, ईरान ने आरोप लगाया है कि इजरायल द्वारा लेबनान में किए जा रहे हमले सीजफायर के नियमों के खिलाफ हैं। वहीं, अमेरिका का स्टैंड है कि लेबनान में हो रही लड़ाई इस समझौते से अलग है। इस मतभेद की वजह से दोनों देशों के बीच आपसी भरोसा कम होता दिख रहा है और तनाव फिर से बढ़ने लगा है।

समझौते में शामिल मुख्य शर्तें और मौजूदा चुनौतियां

विषय स्थिति और विवाद
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज अमेरिका इसे तुरंत खोलने की मांग कर रहा है, जबकि ईरान ने समुद्री बारूदी सुरंगों का हवाला देकर रास्ता बदलने की बात कही है।
अमेरिकी सेना ईरान चाहता है कि अमेरिका अपनी सेना इस क्षेत्र से वापस बुलाए और युद्ध के नुकसान की भरपाई करे।
परमाणु अधिकार ईरान यूरेनियम संवर्धन के अपने अधिकार को सुरक्षित रखना चाहता है, जिस पर अमेरिका पूरी तरह राजी नहीं है।
पाकिस्तान की भूमिका पाकिस्तान मध्यस्थ के रूप में 10 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद में अगली बातचीत की मेजबानी करने वाला है।

सऊदी अरब ने भी इस स्थिति पर नजर रखी हुई है और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में जहाजों की सुरक्षा की मांग की है। दूसरी ओर, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ ने अमेरिका पर समझौते के तीन अहम हिस्सों को तोड़ने का आरोप लगाया है। ट्रंप प्रशासन अब उन नाटो देशों पर भी कार्रवाई की योजना बना रहा है जिन्होंने इस मामले में अमेरिका का साथ नहीं दिया था। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें 10 अप्रैल को होने वाली बातचीत पर टिकी हैं क्योंकि सीजफायर काफी नाजुक मोड़ पर है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com