अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को 17 दिन हो गए हैं। इजरायली मीडिया के हवाले से खबर आई है कि ईरान ने अमेरिका को युद्ध खत्म करने के लिए कुछ गुप्त संदेश भेजे हैं। हालांकि, ईरान ने खुले तौर पर इसे खारिज कर दिया है। इस युद्ध का असर अब पूरे गल्फ रीजन पर दिखने लगा है, जहां सऊदी अरब और UAE में भी ड्रोन हमलों की खबरे आ रही हैं और दुनिया भर में कच्चा तेल काफी महंगा हो गया है।

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ईरान और अमेरिका के बीच क्या चल रहा है?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने साफ़ कहा है कि वो सीजफायर नहीं चाहते, बल्कि युद्ध का पूरी तरह अंत और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा की गारंटी चाहते हैं। उन्होंने अमेरिका से बातचीत की खबरों को गलत बताया। दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके पास हथियारों की कोई कमी नहीं है और यह युद्ध 4 से 5 हफ्ते तक चल सकता है। ट्रंप फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खोलने के लिए एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि उनका मिशन अभी बस शुरू ही हुआ है। ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने सोशल मीडिया पर कहा है कि ईरान का अमेरिकी जनता से कोई युद्ध नहीं है और उन्होंने 9/11 जैसे किसी झूठे हमले की साजिश का भी जिक्र किया है।

गल्फ देशों और आम लोगों पर क्या असर पड़ा?

इस बड़े तनाव का सीधा असर गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों, फ्लाइट्स और वहां की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है।

  • सऊदी अरब ने 16 मार्च को 61 ड्रोन मार गिराए हैं। रियाद और पूर्वी इलाकों में एयर डिफेंस सिस्टम को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
  • UAE में भी दुबई के पास ड्रोन देखे गए हैं, जिसके कारण सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
  • ईरान में पिछले 17 दिनों से लगातार इंटरनेट ब्लैकआउट (Internet blackout) है।
  • कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत $105.66 प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो युद्ध शुरू होने के बाद से 40% ज्यादा है।
  • अमेरिका ने कई मिडिल ईस्ट देशों से अपने दूतावास के कर्मचारियों को तुरंत निकालने का आदेश दे दिया है।

भारी नुकसान और भारतीय बाजार का हाल

इस युद्ध में अब तक काफी जानमाल का नुकसान हुआ है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक 1,444 लोगों की मौत हुई है और 18,500 घायल हुए हैं। इजरायल में भी मिसाइल के हमलों से 142 लोग घायल हुए हैं। इजरायली सेना (IDF) ने लेबनान में जमीनी कार्रवाई भी शुरू कर दी है और ईरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर एक एयरक्राफ्ट को नष्ट कर दिया है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारतीय शेयर बाजार में भी भारी गिरावट दर्ज की गई है, जहां विदेशी निवेशकों ने मार्च में अब तक 52,704 करोड़ रुपये बाजार से निकाल लिए हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.