अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने बयान दिया है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच गया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि यह संघर्ष महीनों के बजाय कुछ हफ्तों में खत्म हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी दावा किया है कि अगले दो से तीन हफ्तों में लड़ाई खत्म हो सकती है और इसके लिए किसी समझौते की भी जरूरत नहीं है। इस बीच खाड़ी देशों में तनाव बढ़ गया है और सऊदी अरब में रहने वाले अमेरिकियों के लिए खास एडवाइजरी जारी की गई है।

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युद्ध को लेकर क्या हैं अमेरिका के मुख्य उद्देश्य?

Marco Rubio के अनुसार अमेरिका का लक्ष्य ईरान की मिसाइल और सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह से कमजोर करना है। इसके साथ ही अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना चाहता है और Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित करना चाहता है। अमेरिका की ओर से साफ कहा गया है कि Strait of Hormuz को किसी भी हाल में खुला रखा जाएगा और अगर ईरान इसे बंद करने की कोशिश करता है तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे। हालांकि Pentagon प्रमुख Pete Hegseth ने कहा है कि आने वाले दिन युद्ध के लिए बहुत महत्वपूर्ण होंगे और उन्होंने जमीनी सेना भेजने की संभावना से इनकार नहीं किया है।

खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों पर क्या होगा असर?

इस युद्ध का असर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और प्रवासियों पर भी देखने को मिल रहा है। US State Department ने सऊदी अरब में रह रहे अपने नागरिकों के लिए अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही IRGC ने धमकी दी है कि अगर उनके नेताओं को निशाना बनाया गया तो वे Apple, Google और Meta जैसी टेक कंपनियों को निशाना बनाएंगे। क्षेत्र की ताज़ा स्थिति को नीचे दी गई तालिका से समझा जा सकता है:

स्थान/विषय ताज़ा घटनाक्रम
Saudi Arabia होटल और बिजनेस केंद्रों पर हमलों को लेकर अमेरिकी नागरिकों के लिए चेतावनी जारी हुई।
Qatar दोहा के उत्तर में एक टैंकर पर हमला हुआ जिससे उसके निचले हिस्से को नुकसान पहुंचा।
Lebanon बेरूत में हुए हमलों में कई लोगों की जान गई और Hezbollah कमांडर को निशाना बनाया गया।
Strait of Hormuz अमेरिका ने सैन्य अभियान के बाद भी इसे खुला रखने की चेतावनी दी है।

शांति प्रस्ताव और अन्य देशों की प्रतिक्रिया

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने पुष्टि की है कि उन्हें अमेरिकी दूत Steve Witkoff से संदेश मिले हैं लेकिन उन्होंने इसे बातचीत मानने से इनकार कर दिया है। ईरान का कहना है कि वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक पूरे क्षेत्र में हमले बंद नहीं हो जाते। दूसरी ओर चीन और पाकिस्तान ने एक पांच सूत्रीय शांति योजना पेश की है। राष्ट्रपति Donald Trump ने अमेरिकी सहयोगियों की आलोचना करते हुए कहा है कि वे युद्ध में पर्याप्त साथ नहीं दे रहे हैं और उन्हें अपने तेल की व्यवस्था खुद करनी चाहिए। फ्रांस ने अमेरिका के रुख पर हैरानी जताई है और अपनी जमीन का इस्तेमाल हमलों के लिए करने देने से मना कर दिया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.