अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध अब खत्म होने के करीब है। आने वाले दो दिनों में पाकिस्तान में दोनों देशों के बीच फिर से शांति बातचीत हो सकती है। इस खबर से दुनिया भर के लोगों की नजरें अब पाकिस्तान पर टिकी हैं।

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घेराबंदी और सैन्य कार्रवाई का क्या हाल है?

अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों के चारों तरफ अपनी सेना तैनात कर रखी है ताकि जहाजों की आवाजाही रोकी जा सके। राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि घेराबंदी तोड़ने वाली किसी भी नाव को नष्ट कर दिया जाएगा। 14 अप्रैल को एक अमेरिकी जहाज ने दो तेल टैंकरों को ईरान छोड़ने से रोका और उन्हें वापस जाने का आदेश दिया। चीन ने अमेरिका के इस फैसले को गलत और खतरनाक बताया है।

बातचीत में क्या रुकावटें आ रही हैं?

दोनों देशों के बीच मुख्य विवाद यूरेनियम बनाने के कार्यक्रम को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि ईरान इसे 20 साल के लिए बंद कर दे, लेकिन ईरान सिर्फ 5 साल के लिए तैयार है। हालांकि, उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने उम्मीद जताई है कि ईरानी अधिकारी समझौता करना चाहते हैं। संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख ने भी कहा है कि इस समस्या का हल केवल बातचीत से ही निकल सकता है।

पिछले कुछ दिनों की बड़ी घटनाएं

तारीख क्या हुआ
8 अप्रैल पाकिस्तान की मदद से दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ
11 अप्रैल इस्लामाबाद में सीधी बातचीत हुई पर कोई फैसला नहीं हुआ
13 अप्रैल अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की घेराबंदी शुरू की
14 अप्रैल अमेरिकी जहाज ने दो तेल टैंकरों को वापस भेजा
15 अप्रैल ट्रंप ने युद्ध खत्म होने के करीब होने का दावा किया