अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयानों के बाद यूरोपीय अधिकारियों का मानना है कि ईरान के खिलाफ चल रहा सैन्य अभियान जल्द खत्म हो सकता है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के प्रमुख ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया गया है. इसी बीच मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण दुबई और दोहा जैसे प्रमुख एयरपोर्ट्स से 23,000 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जिससे आम यात्रियों और खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

क्या जल्द खत्म होगा अमेरिका और ईरान का युद्ध?

यूरोपीय राजनयिकों के अनुसार ट्रंप के बयान इस बात का साफ संकेत हैं कि अमेरिका अब इस युद्ध से बाहर निकलने का रास्ता खोज रहा है. ट्रंप ने बताया कि पहले कुछ हफ्तों में ही 2000 से ज्यादा ठिकानों को निशाना बनाया गया है. इसमें ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात टर्मिनल खार्ग द्वीप भी शामिल है, जिसे अमेरिका ने ‘चेकमेट’ का नाम दिया है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया है कि ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के जीवित न होने की खबरें आ रही हैं और इसी आधार पर उन्होंने ईरान से तुरंत आत्मसमर्पण की मांग की है. हालांकि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने ट्रंप के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि ईरान ने कभी युद्धविराम की मांग नहीं की है और उनकी सेना लंबी लड़ाई के लिए पूरी तरह तैयार है.

UAE और सऊदी अरब पर क्या असर हो रहा है?

खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों प्रवासियों के लिए वर्तमान स्थिति थोड़ी चिंताजनक बनी हुई है. ईरान ने इस युद्ध के दौरान पहली बार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के तीन बड़े बंदरगाहों को खाली करने की चेतावनी दी है. दूसरी तरफ सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने 15 मार्च को रियाद और पूर्वी क्षेत्रों की ओर आ रहे सात ईरानी ड्रोन्स को मार गिराने की पुष्टि की है. सऊदी ने इसे खाड़ी देशों की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन करार दिया है.

समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अंतरराष्ट्रीय मिशन बनाने की मांग की है. इस प्रस्ताव पर फ्रांस और ब्रिटेन विचार कर रहे हैं, जबकि जर्मनी ने इस सैन्य अभियान का हिस्सा बनने से साफ मना कर दिया है. अमेरिका ने ईरान को बातचीत की मेज पर लौटने के लिए 10 से 15 दिन का समय दिया है.

फ्लाइट्स और प्रवासियों पर सीधा प्रभाव

इस सैन्य तनाव का सबसे ज्यादा असर हवाई सफर करने वालों और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय कामगारों पर पड़ा है. अब तक मिडिल ईस्ट में कई बड़े बदलाव देखने को मिले हैं.

  • दुबई और दोहा जैसे बड़े एयरपोर्ट्स से अब तक 23,000 से ज्यादा Flight कैंसिल हो चुकी हैं.
  • हजारों प्रवासी और कामगार एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं या उनकी यात्रा टल गई है.
  • ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने 41.2 करोड़ बैरल इमरजेंसी तेल बाजार में उतारने का फैसला किया है, जो इतिहास का सबसे बड़ा कदम है.
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.