अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हथियारों की कमी को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। वाशिंगटन में इस बात को लेकर चर्चा तेज हो गई है कि क्या अमेरिका के पास ईरान के साथ फिर से युद्ध शुरू करने के लिए पर्याप्त गोला-बारूद बचा है। हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्हाइट हाउस लगातार हथियारों का भंडार पूरा होने का दावा कर रहे हैं, लेकिन सैन्य विश्लेषकों और अमेरिकी अधिकारियों के बयानों ने इस दावे पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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अमेरिकी सीनेटर ने किया बड़ा दावा, सेना के पास कम पड़ रहे हैं हथियार

अमेरिकी सीनेटर मार्क केली ने खुफिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए खुलासा किया है कि टॉमहॉक (Tomahawks), थाड (THAAD) और पैट्रियट (Patriot) जैसी महत्वपूर्ण मिसाइलों के भंडार में भारी कमी आई है। इस खुलासे के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सीनेटर के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए हैं। सैन्य मामलों के विशेषज्ञ मार्क कैनसियन का कहना है कि इन हथियारों की भरपाई करने में 1 से 4 साल का समय लग सकता है, जिससे चीन जैसे बड़े देशों के खिलाफ अमेरिकी तैयारियों पर बुरा असर पड़ सकता है।

ईरान और अमेरिका की बातचीत में क्या चल रहा है?

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने बताया कि ईरान के साथ बातचीत में थोड़ी प्रगति हुई है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में टैक्स या टोलिंग सिस्टम लगाने की ईरान की कोशिशों को अमेरिका स्वीकार नहीं करेगा। वहीं दूसरी तरफ ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अपने देश के यूरेनियम को बाहर भेजने से साफ मना कर दिया है। दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने भी 23 मई 2026 को तेहरान का दौरा किया है।

क्या अमेरिका फिर से करने जा रहा है सैन्य हमला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान पर नए सैन्य हमलों की योजना बना रहा है, हालांकि इस पर अभी कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट का कहना है कि अमेरिकी सेना के पास देश की सुरक्षा के लिए भरपूर हथियार मौजूद हैं। इसके विपरीत, कई एक्सपर्ट्स का मानना है कि हथियारों की कमी के कारण अमेरिका के लिए ईरान के खिलाफ नया मोर्चा खोलना काफी मुश्किल साबित हो सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका के पास सच में हथियारों की कमी हो गई है?

सैन्य विश्लेषक मार्क कैनसियन के अनुसार, ईरान के साथ जारी संघर्ष में अमेरिका के हथियारों का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल हो चुका है। टॉमहॉक और पैट्रियट जैसी मिसाइलों के स्टॉक को पहले जैसा करने में 1 से 4 साल का समय लग सकता है।

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में मुख्य बाधा क्या है?

ईरान का होर्मुज जलडमरूमध्य में टोलिंग सिस्टम लगाने का प्रयास और अपने संवर्धित यूरेनियम को देश से बाहर भेजने से सुप्रीम लीडर खामेनेई का इनकार बातचीत में मुख्य अड़चनें बनी हुई हैं।