US और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के 13वें दिन एक अहम खबर सामने आई है। अमेरिका के ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने बताया है कि US Navy अभी Strait of Hormuz से गुजरने वाले Oil Tankers को सुरक्षा देने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं है। अल जज़ीरा की रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान में अमेरिकी सेना का पूरा ध्यान ईरान के मिसाइल उत्पादन और आक्रामक ठिकानों को नष्ट करने पर है।

👉: Saudi Arabia New Investment: सऊदी अरब ने स्टार्टअप कंपनियों के लिए खोले खजाने, 1.2 बिलियन डॉलर का किया निवेश

Operation Epic Fury और सेना की मौजूदा स्थिति

अमेरिका इस सैन्य अभियान को Operation Epic Fury का नाम दे रहा है। कुछ समय पहले ऊर्जा मंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा था कि नेवी ने एक टैंकर को सुरक्षित निकाला है, लेकिन व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने इसे गलत बताया। उन्होंने पुष्टि की है कि US Navy ने अभी तक किसी भी कमर्शियल जहाज को एस्कॉर्ट नहीं किया है। ईरान की सेना ने भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी नौसेना का कोई भी फ्लीट इस क्षेत्र में आता है, तो उसे ड्रोन और मिसाइलों का निशाना बनाया जाएगा। 10 मार्च को US Navy ने ईरान के 16 माइन-लेइंग जहाजों को नष्ट किया था, जिससे यह साफ है कि सेना अभी सुरक्षा मिशन के बजाय हमले पर ज्यादा केंद्रित है।

तेल की कीमतों और आम जनजीवन पर प्रभाव

Strait of Hormuz से कमर्शियल शिपिंग का काम पूरी तरह से ठप पड़ा हुआ है। ईरान ने साफ़ कहा है कि इस जलमार्ग से अमेरिका या उसके सहयोगियों को तेल की एक बूंद भी नहीं जाने दी जाएगी। इन हालातों का असर अब ग्लोबल मार्केट और आम लोगों की जेब पर दिखने लगा है। अमेरिका की कोशिश है कि जहाजों को कम कीमत पर पॉलिटिकल रिस्क इंश्योरेंस दिया जाए ताकि शिपिंग का काम शुरू हो सके।

  • ईरान के सैन्य कमांडर इब्राहिम जोलफकारी ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में कच्चा तेल 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकता है।
  • अमेरिका में एक हफ्ते के अंदर पेट्रोल के दाम बढ़कर 3.54 डॉलर प्रति गैलन हो गए हैं।
  • संयुक्त राष्ट्र के आंकड़ों के मुताबिक इस युद्ध के कारण ईरान में लगभग 32 लाख लोग विस्थापित हुए हैं।
  • अल जज़ीरा की रिपोर्ट बताती है कि 28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 1348 नागरिकों की मौत हो चुकी है।
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.