अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी चीफ ऑफ स्टाफ जनरल डैन केन ने साफ़ कर दिया है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो अमेरिका फिर से युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब दोनों देशों के बीच शांति की कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं।
अमेरिका युद्ध के लिए क्यों है तैयार?
अमेरिकी प्रशासन और ईरान के बीच पिछले कुछ दिनों से काफी खींचतान चल रही है। 2 मई 2026 को राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के उस शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया जिसमें हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात थी। ट्रंप एक ऐसा व्यापक समझौता चाहते थे जिससे युद्ध की वापसी न हो, लेकिन उन्होंने परमाणु बातचीत में देरी करने से मना कर दिया। इसके बाद ईरान ने भी युद्ध के लिए अपनी तैयारी की बात कही। 3 मई 2026 को राष्ट्रपति ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से माना कि ईरान पर फिर से हमले शुरू हो सकते हैं।
सैन्य तैयारी और सऊदी अरब की भूमिका
अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपनी ताकत बढ़ा दी है। General Dan Kaine ने बताया कि राष्ट्रपति के आदेश पर तीन एयरक्राफ्ट करियर मिडिल ईस्ट में तैनात किए गए हैं। सेना का मुख्य फोकस ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को नष्ट करना है। अब तक अमेरिका ने करीब 2,000 लक्ष्यों पर हमला किया और ईरान के 20 नौसैनिक जहाजों को डुबोया है। इस तनाव के बीच Saudi Arabia के एयर डिफेंस की सराहना की गई क्योंकि उन्होंने ऊर्जा केंद्रों पर होने वाले ईरानी हमलों को सफलतापूर्वक नाकाम किया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच फिर से युद्ध की स्थिति क्यों बनी
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया और परमाणु बातचीत में देरी करने से मना किया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया।
जनरल डैन केन ने सैन्य तैयारी के बारे में क्या बताया
उन्होंने मिडिल ईस्ट में तीन एयरक्राफ्ट करियर तैनात किए हैं और ईरान की मिसाइल क्षमताओं को खत्म करने के लिए सैन्य विकल्पों की समीक्षा की है।