अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। एक अमेरिकी अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही बातचीत में कोई सफलता नहीं मिली, तो युद्ध फिर से शुरू हो सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सख्त लहजे में कहा है कि समझौतों के बिना ईरान पर दबाव और बढ़ाया जाएगा। इस खींचतान से पूरे क्षेत्र में बेचैनी बढ़ गई है।

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डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी अधिकारियों ने क्या चेतावनी दी है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि अगर बातचीत नाकाम रही, तो ईरान के यूरेनियम को रोकने के लिए बहुत सख्त कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक सभी समझौतों पर 100% मुहर नहीं लग जाती, तब तक ईरान की समुद्री नाकेबंदी पूरी तरह जारी रहेगी। ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर बुधवार तक कोई रास्ता नहीं निकला, तो युद्ध रोकने वाली समय सीमा को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

ईरान ने अमेरिका की धमकियों पर क्या जवाब दिया?

ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रजा आरिफ ने ट्रंप की नीतियों को भ्रम और विरोधाभासी बातें बताया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने तेल निर्यात को दो से तीन गुना बढ़ाकर अपनी जीत साबित कर दी है। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोल दिया गया है, लेकिन ईरान के सैन्य मुख्यालय ने साफ किया है कि इस रास्ते का पूरा नियंत्रण और निगरानी ईरानी सेना के पास ही रहेगी।

बातचीत की मौजूदा स्थिति और मुख्य जानकारियां

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत फिलहाल रुकी हुई है क्योंकि ईरान का मानना है कि अमेरिका ने बहुत ज्यादा सख्त शर्तें रख दी हैं। पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और नए प्रस्तावों को ईरान तक पहुँचाया है। इस पूरे विवाद की मुख्य बातें नीचे दी गई तालिका में देखी जा सकती हैं।

मुख्य बिंदु विवरण
तनाव की तारीख 17 और 18 अप्रैल 2026
मध्यस्थ देश पाकिस्तान
संभावित बैठक स्थल इस्लामाबाद, पाकिस्तान
विवाद का कारण अमेरिका की नई और सख्त मांगें
अमेरिकी रुख समुद्री नाकेबंदी जारी रखने का फैसला
ईरानी रुख होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना नियंत्रण बरकरार रखना
पुरानी बैठकें 2025 में ओमान और रोम में चर्चा हुई थी
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.