अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके करीबियों ने संकेत दिए हैं कि ईरान में चल रहे सैन्य अभियान अगले दो से तीन हफ्तों में समाप्त हो सकते हैं। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका ने अपने मुख्य उद्देश्यों को पूरा कर लिया है, जिसमें ईरान के परमाणु और मिसाइल खतरों को बेअसर करना शामिल है। खाड़ी देशों में रह रहे लाखों भारतीयों और प्रवासियों के लिए यह राहत भरी खबर हो सकती है, क्योंकि इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर काफी तनाव बना हुआ था।

अमेरिका की वापसी और ट्रंप के नए बयान में क्या है?

ट्रंप के करीबी सहयोगी Fred Fleitz ने जानकारी दी है कि अमेरिकी सेना अपनी वापसी की तैयारी कर रही है। सरकार का मानना है कि अब वहां रुकने की जरूरत नहीं है क्योंकि लक्ष्य हासिल हो चुके हैं। इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम से जुड़ी कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • Donald Trump ने कहा कि ईरान के परमाणु खतरे को खत्म करने का काम पूरा हो गया है।
  • वापसी के लिए ईरान के साथ किसी औपचारिक समझौते या डील की जरूरत नहीं समझी गई है।
  • अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा कि सेना अपने प्लान के मुताबिक काम कर रही है और अंतिम फैसला राष्ट्रपति लेंगे।
  • ट्रंप ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए 1 अप्रैल 2026 को देश के नाम संबोधन भी तय किया है।

खाड़ी देशों में सुरक्षा की स्थिति और हालिया हमले

भले ही अमेरिका वापसी की बात कर रहा है, लेकिन 2 अप्रैल 2026 को खाड़ी क्षेत्र में भारी सैन्य गतिविधि देखी गई है। ईरान की तरफ से आए कई ड्रोन और मिसाइलों को सुरक्षा प्रणालियों ने हवा में ही नष्ट किया है। प्रवासियों और यात्रियों के लिए यह जानना जरूरी है कि किन देशों ने इन हमलों को रोका है:

देश इंटरसेप्ट की गई चीजें (2 अप्रैल 2026)
UAE 19 मिसाइलें और 26 ड्रोन गिराए गए
Saudi Arabia कम से कम 4 ईरानी ड्रोन मार गिराए
Jordan 1 ईरानी मिसाइल को सफलतापूर्वक रोका गया

इसके अलावा, अमेरिकी सेना ने तेहरान और करज को जोड़ने वाले मुख्य पुल (B1 Bridge) पर हमला किया है, जिसमें कई लोगों के हताहत होने की खबर है। दूसरी तरफ, इजरायल ने भी लेबनान में हिजबुल्लाह के ठिकानों पर दर्जनों हमले किए हैं। ईरान के विदेश मंत्री ने इन हमलों को उनकी हार का संकेत बताया है, जबकि रूस का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य उनके जहाजों के लिए खुला है।