ईरान के खुज़ेस्तान प्रांत में स्थित डेज़फुल में अमेरिकी और इजरायली सेना ने एक बड़ा हवाई हमला किया है। यह हमला 15 मार्च 2026 को हुआ जिसमें चौथे आर्टेश एयर फोर्स टैक्टिकल एयरबेस को निशाना बनाया गया। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलिन लेविट के अनुसार, इस सैन्य अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कम करना है। इस हमले के बाद इलाके में एक बड़ा ब्लास्ट वेव महसूस किया गया और इजरायली मीडिया ने इसे IRGC एयरबेस पर सीधा हमला बताया है।
इस हमले और सैन्य अभियान से जुड़ी मुख्य जानकारी क्या है?
- अमेरिका और इजरायल ने मिलकर पिछले दो हफ्तों में ईरान के 6,000 से अधिक ठिकानों पर हमला किया है
- ईरान के 65 से ज्यादा नौसैनिक जहाजों को समुद्र में डुबो दिया गया है
- ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता में 90% की कमी आने का दावा किया गया है
- ईरान की ड्रोन क्षमता अब 95% तक कम हो गई है
इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य क्या है?
यह हमला उस व्यापक सैन्य अभियान का हिस्सा है जो जनवरी 2026 के अंत में शुरू हुआ था। इस अभियान के शुरुआती चरण में ईरान के हवाई रक्षा तंत्र को कमजोर करने पर ध्यान दिया गया। लगभग 200 एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला कर मात्र 24 घंटों के भीतर हवाई क्षेत्र पर नियंत्रण हासिल कर लिया गया था। वर्तमान में खुज़ेस्तान जैसे पश्चिमी प्रांतों में स्थित बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर और लॉन्च दस्तों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पहले ही घोषणा की थी कि इन हमलों की तीव्रता आने वाले समय में बढ़ाई जाएगी।
