ईरान की राजधानी तेहरान में अमेरिका और इसराइल की ओर से किए गए हवाई हमलों में भारी तबाही हुई है. तेहरान के बहारिस्तान इलाके को निशाना बनाकर किए गए इस हमले में कम से कम 15 लोगों की जान चली गई है और कई लोग घायल हुए हैं. इस हमले में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के खुफिया प्रमुख माजिद खादेमी की भी मौत हो गई है. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 7 अप्रैल तक का अल्टीमेटम दिया हुआ है.

तेहरान हमले में कितना नुकसान हुआ है?

ईरान की आधिकारिक रिपोर्टों के अनुसार, बहारिस्तान जिले में हुए हमले में मरने वालों की संख्या 15 बताई जा रही है. हमले का असर इतना तेज़ था कि इलाके की चार रिहायशी इमारतें पूरी तरह मलबे में तब्दील हो गई हैं. इसके अलावा शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी और पास के एक गैस स्टेशन को भी निशाना बनाया गया है.

  • मारे गए लोगों में चार लड़कियां और दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं.
  • बहारिस्तान में 40 से ज़्यादा अपार्टमेंट और गाड़ियों को भारी नुकसान पहुँचा है.
  • पूरे ईरान में अब तक 12 शहरों को निशाना बनाया गया है जहाँ कुल 34 लोग मारे गए हैं.
  • तेहरान के 8 बड़े अस्पतालों को जंग के हालात देखते हुए खाली करा लिया गया है.
  • इसराइल की सेना ने कहा है कि उन्होंने ईरान के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक क्षमताओं को खत्म करने के लिए यह कार्रवाई की है.

खाड़ी देशों पर क्या असर पड़ रहा है?

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते इस तनाव का असर पड़ोसी खाड़ी देशों पर भी दिखने लगा है. ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत के बुबियान द्वीप पर अमेरिकी सेना को निशाना बनाया है, जहाँ रिहायशी इलाकों में मिसाइल गिरने से 6 लोग घायल हुए हैं. इस तनाव के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए भी स्थिति चिंताजनक हो गई है, क्योंकि हवाई सेवाओं और तेल की कीमतों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है.

प्रमुख घटना विवरण
डेडलाइन डोनाल्ड ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 7 अप्रैल की तारीख तय की है.
बड़ी मौत IRGC के इंटेलिजेंस चीफ माजिद खादेमी हमले में मारे गए हैं.
मध्यस्थता पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की 45 दिन के युद्धविराम के लिए कोशिश कर रहे हैं.
ईरान का रुख ईरान ने अस्थायी युद्धविराम के बदले रास्ता खोलने से मना कर दिया है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर मंगलवार तक उनकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो ईरान के पावर प्लांट और बड़े पुलों को निशाना बनाया जाएगा. फिलहाल ईरान की मिलिट्री कमांड ने चेतावनी दी है कि अगर दोबारा रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया, तो वह और भी खतरनाक पलटवार करेंगे.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.