अमेरिका और इज़राइल के लगातार हो रहे हमलों के कारण ईरान में बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो रहा है. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के दूत अमीर सईद इरावानी के अनुसार 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस युद्ध में अब तक 1332 से अधिक ईरानी नागरिकों की जान जा चुकी है. जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों जैसे दुबई और बहरीन की तरफ ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं, जिससे मिडिल ईस्ट में रह रहे भारतीय और अन्य प्रवासियों के बीच डर का माहौल बन गया है.

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ईरान में हमलों से भारी नुकसान और तबाही

ईरान के यूएन मिशन द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक लगातार हो रही बमबारी से आम लोगों को भारी नुकसान पहुंचा है. 10 मार्च 2026 को तेहरान के रेसलत स्क्वायर के पास रिहायशी इलाकों पर हुए एक हवाई हमले में लगभग 40 आम लोगों की जान चली गई. ईरान का कहना है कि इन हमलों में 20 से ज़्यादा स्कूलों और 13 स्वास्थ्य केंद्रों को निशाना बनाया गया. तेहरान के आज़ादी 12,000-सीटर एरिना पर हुए हमले में 18 महिला एथलीटों की मौत की भी खबर सामने आई. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक छोटे समय का ऑपरेशन बताया और कहा कि ईरान की पूरी तरह से हार होने तक यह कार्रवाई जारी रहेगी.

खाड़ी देशों पर असर: दुबई और बहरीन पर ईरान का पलटवार

ईरान पर हो रहे हमलों का सीधा असर गल्फ देशों पर भी देखने को मिल रहा है. अपनी जवाबी कार्रवाई में ईरान ने दुबई (UAE) और बहरीन पर कई ड्रोन और मिसाइल हमले किए. बहरीन की राजधानी में एक आवासीय इमारत पर हुए हमले में एक 29 वर्षीय महिला की मौत हो गई और 8 लोग घायल हो गए. इसके अलावा सऊदी अरब ने अपने तेल वाले पूर्वी क्षेत्र में दो ड्रोन को मार गिराया, जबकि कुवैत ने 6 ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया. इन हालातों के कारण गल्फ देशों में काम करने वाले प्रवासियों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है.

पर्यावरण संकट और तेल की कीमतों में बड़ा उछाल

  • तेल के दाम: युद्ध शुरू होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई. ब्रेंट क्रूड लगभग 120 डॉलर तक पहुंच गया था जो 10 मार्च को 90 डॉलर के आसपास स्थिर हुआ.
  • पर्यावरण को नुकसान: तेहरान के आसपास 5 फ्यूल इंस्टालेशन पर हमले के बाद वहां के निवासियों ने आसमान से ‘काली बारिश’ होने और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत दर्ज की.
  • WHO की चेतावनी: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चेतावनी दी है कि पेट्रोलियम सुविधाओं के नष्ट होने से हवा और पानी में ज़हर घुल रहा है, जो बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक है.
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.