अमेरिकी और इजरायल की वायु सेना ने ईरान के पश्चिमी हिस्सों और राजधानी तेहरान के कुछ इलाकों में हवाई नियंत्रण बना लिया है। एडमिरल ब्रैड कूपर के नेतृत्व में चल रहे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत पिछले 72 घंटों में बड़ी सैन्य कार्रवाई की गई है। इस दौरान अब तक 1,700 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है, जिसमें ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और मिसाइल साइट्स शामिल हैं।
सैन्य कार्रवाई में किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?
हमलों की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी और अब तक के आंकड़ों के अनुसार सैन्य स्थिति कुछ इस प्रकार है:
- ईरान के 1,700 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर मिसाइल और हवाई हमले किए गए
- रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की सुविधाओं और रडार सिस्टम को नष्ट किया गया
- तेहरान और पश्चिमी ईरान के ऊपर अमेरिकी जेट्स का दबदबा बढ़ा है
- अमेरिकी सेंट्रल कमांड का मुख्य उद्देश्य ईरान की रक्षा प्रणाली को पूरी तरह से कमजोर करना है
प्रवासियों और हवाई यात्रा पर इसका क्या असर होगा?
ईरान और आसपास के हवाई क्षेत्र में चल रहे इस तनाव का सीधा असर खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों पर पड़ रहा है। हवाई मार्ग बंद होने या रास्ता बदलने के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी हो रही है। सप्लाई चेन प्रभावित होने से आने वाले दिनों में जरूरी चीजों के दाम बढ़ने की संभावना है। जो लोग भारत से दुबई, कतर या सऊदी अरब की यात्रा कर रहे हैं, उन्हें अपनी फ्लाइट का स्टेटस समय-समय पर चेक करते रहने की जरूरत है।
