ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ा तनाव, होर्मुज जलडमरूमध्य में मंडराया युद्ध का खतरा

मध्य पूर्व में एक बार फिर से तनाव की स्थिति गहरा गई है, जहां अमेरिका और इजराइल ईरान के खिलाफ बड़ी सैन्य कार्रवाई की तैयारी में जुटे हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर जारी टकराव अब एक विकराल रूप लेता दिख रहा है। 28 फरवरी को हुई सैन्य कार्रवाई के बाद अब अमेरिका और इजराइल फिर से ईरान के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। इस बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने भी अपनी कमर कस ली है और चेतावनी दी है कि यदि उनके देश पर हमला हुआ, तो यह युद्ध खाड़ी की सीमाओं को पार कर व्यापक रूप ले लेगा।
तनाव के पीछे की बड़ी वजह
विदेशी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी और इजराइली सेना ने ईरान के तेल और गैस बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए एक नई रणनीति तैयार की है। इस स्थिति से सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान भी काफी चिंतित हैं और उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत की है। इस दौरान उन्होंने ईरान पर किसी भी तरह के नए हमले के खिलाफ आगाह किया है। सुरक्षा के मद्देनजर अमेरिका ने अम्मान, यरूशलेम और बगदाद स्थित अपने दूतावासों में रह रहे नागरिकों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर निकलने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
ईरान की दो टूक चेतावनी
ईरान के नेशनल सिक्योरिटी एंड फॉरेन पॉलिसी कमीशन के सदस्य इब्राहिम रेजाई ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान की सेना किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार का जवाब केवल फारस की खाड़ी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दुश्मन के सभी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। साथ ही, ईरान ने अपने विदेश मंत्री अब्बास अरागची के माध्यम से तुर्किये, पाकिस्तान और सऊदी अरब जैसे देशों से संपर्क साधा है ताकि अमेरिका को इस हमले के बुरे परिणामों के बारे में सूचित किया जा सके।
समुद्री मार्ग पर हमले और तेल की सुरक्षा
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास व्यावसायिक जहाजों पर हमले की खबरें भी लगातार आ रही हैं। यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑर्गनाइज़ेशन के अनुसार, ओमान के तट के पास एक अज्ञात प्रोजेक्टाइल के टकराने से एक जहाज का इंजन रूम क्षतिग्रस्त हो गया है। होर्मुज का यह मार्ग दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के महासचिव मोहम्मद बाघेरी जोलघद्र ने स्पष्ट किया है कि यदि अमेरिका ने दोबारा हमला किया, तो तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से बंद कर देगा।
प्रवासियों और खाड़ी देशों पर असर
इस पूरे घटनाक्रम का सीधा असर खाड़ी देशों में काम कर रहे प्रवासियों पर पड़ता दिख रहा है। हूती विद्रोहियों ने हालांकि बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में टोल वसूलने की खबरों को खारिज किया है, लेकिन क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों के बढ़ने से अनिश्चितता का माहौल है। जो भी भारतीय नागरिक या अन्य प्रवासी इन क्षेत्रों में रह रहे हैं, उन्हें अपने देश के दूतावासों द्वारा जारी सुरक्षा गाइडलाइन्स पर पूरी नजर रखनी चाहिए। फिलहाल अमेरिका और इजराइल की ओर से किसी भी समय हमले की संभावना जताई जा रही है, जिसे देखते हुए पूरा मिडिल ईस्ट क्षेत्र हाई अलर्ट पर है।