अमेरिका और इसराइल की ईरान के साथ चल रही जंग को पूरे 100 दिन हो चुके हैं। पिछले 100 दिनों से चल रहे इस तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह से बंद है, जिससे दुनिया भर में तेल की सप्लाई और व्यापार पर बुरा असर पड़ा है। इस बीच, अमेरिकी सेना यानी CENTCOM ने कुवैत और बहरीन की तरफ आ रही ईरानी मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है, जिससे खाड़ी देशों में अशांति और बढ़ गई है।

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जंग के 100 दिन पूरे होने पर क्या हैं ताजा हालात?

इस जंग की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई थी, जब अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान पर हमले शुरू किए थे। इसके बाद ईरान ने 4 मार्च 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। अब तक इस जंग में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।

  • भारी नुकसान: जंग के कारण लेबनान में 3,593 और ईरान में 3,468 लोगों की जान जा चुकी है।
  • आर्थिक मंदी: इस तनाव की वजह से दुनिया भर की अर्थव्यवस्था संकट में है। अमेरिकी परिवारों को इस युद्ध के कारण औसतन 750 डॉलर का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
  • शिपिंग रूट में बदलाव: होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से जहाजों को अफ्रीका के रास्ते घूमकर जाना पड़ रहा है, जिससे माल ढुलाई का किराया बढ़ गया है।

कुवैत और बहरीन की तरफ दागी गईं मिसाइलें, समुद्र में भी हुई भिड़ंत

ताजा घटनाक्रम में अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि उसने कुवैत और बहरीन की ओर दागी गई ईरानी मिसाइलों को रोक दिया है। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी सेना द्वारा व्यापारिक जहाजों को रोकने की कोशिश के बाद अमेरिकी सेना के साथ सीधी झड़प हुई। अमेरिकी सेना ने व्यापारिक जहाजों को निशाना बना रहे चार ईरानी ड्रोनों को मार गिराया और ईरान के रडार सिस्टम को भी तबाह कर दिया।

दूसरी तरफ, ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर कलीबाफ ने बयान दिया है कि अमेरिका की तरफ से की गई नाकेबंदी और इसराइल को दी जा रही मदद के बाद अब पूरे क्षेत्र में अमेरिकी और इसराइली ठिकाने उनके निशाने पर हैं।

शांति समझौतों और बातचीत का क्या हुआ?

इस जंग को रोकने के लिए पाकिस्तान ने मध्यस्थता की कोशिश की थी। अप्रैल के महीने में पाकिस्तान की कोशिशों से दो हफ्ते का सीजफायर हुआ था, लेकिन इस्लामाबाद में हुई बातचीत नाकाम रही। अब पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के मंत्री मोहसिन नकवी शांति बहाली की बातचीत के लिए तेहरान पहुंचे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि दोनों देश एक समझौते के बेहद करीब हैं, लेकिन इसके लिए ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता खोलना होगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका-ईरान जंग कब शुरू हुई थी और इसका दुनिया पर क्या असर पड़ा है?

यह जंग 28 फरवरी 2026 को शुरू हुई थी। इसके कारण होर्मुज जलडमरूमध्य बंद है, जिससे वैश्विक तेल व्यापार ठप हो गया है और अमेरिकी परिवारों का खर्च 750 डॉलर तक बढ़ गया है।

कुवैत और बहरीन को लेकर क्या ताजा अपडेट है?

अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने दावा किया है कि उसने ईरान की तरफ से कुवैत और बहरीन की दिशा में दागी गई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com